थाईलैंड: दुश्मन देश के नेता को कहा अंकल, संवैधानिक अदालत ने प्रधानमंत्री शिनावात्रा को पद से किया निलंबित

बैंकांक। थाईलैंड की संवैधानिक अदालत ने प्रधानमंत्री पेटोगटार्न शिनावात्रा को एक विवादित फोन कॉल के लीक होने और नैतिकता के उल्लंघन की जांच लंबित रहने तक पद से निलंबित कर दिया है।
कंबोडिया के साथ सीमा विवाद और सार्वजनिक विरोध ने मामले को और गंभीर बना दिया है। 28 मई को सीमा विवाद के बाद शिनावात्रा ने एक सीनियर कंबोडियन लीडर हुन सेन से फोन पर अंकल कहकर बात की थी। बातचीत में सेना थी निशाने पर लीक फोन कॉल में शिनावात्रा कंबोडियाई नेता से कह रही हैं, अंकल मैं बहुत दबाव में हूं। कृपया विपक्षी की बात मन सुनिए। इसमें वो थाई देश के उस जनरल को भी विपक्षी की तरह संबोधित करती दिखीं, जो बॉर्डर पर तैनात है।
शिनावात्रा ने यह भी कि वो जनरल सिर्फ दिखावा कर रहा है और ऐसी बातें कह रहा है जो देश के हित में नहीं है, लेकिन सच तो यह है कि हम शांति चाहते हैं। बातचीत लीक हुई तो सवाल उठने लगे कि पैटोंगटार्न को सेना पर भरोसा नहीं है। साथ ही शिनवात्रा ने कंबोडियाई नेता से कहा-उन्हें अगर कुछ चाहिए तो मुझसे कहें।
सबसे कम उम्र की पीएम थीं शिनावात्रा
गौरतलब है कि शिनावात्रा साल 2024 में थाईलैंड की पीएम बनी थीं और इतिहास में सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बनने वाली व्यक्ति थीं। साथ ही वह दूसरी महिला थीं जिन्हें इस पद की जिम्मेदारी दी गई थी। थाई कोट ने 7-2 के बहुमत से शिनावात्रा को 1 जुलाई से प्रधानमंत्री पद के कार्य से निलंबित कर दिया है।
शिनावात्रा बनी रहेंगी संस्कृति मंत्री
शिनावात्रा के पीएम पोस्ट से सस्पेंड होने के बाद उप-प्रधानमंत्री सूरिया जुआंगरुंगकिट कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाए जाएंगे। 70 वर्षीय सूर्या थाई राजनीति के अनुभवी खिलाड़ी माने जाते हैं। निलंबित होने के बाद शिनावात्रा देश की संस्कृति मंत्री के रूप में कैबिनेट में बनी रहेंगी।
पिता थाकसिन भी देश छोड़ भागे थे
थाईलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री और पेटोंगटार्न के पिता थाकसिन शिनावात्रा भी 2006 में सैन्य तख्तापलट के बाद देश छोड़ भाग गए थे और 15 साल तक निर्वासन में रहे। वे 2001 से 2006 तक थाईलैंड के प्रधानमंत्री थे। थाकसिन के 2023 में लौटने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। लेकिन बाद में क्षमा मिल गई।
