तुर्रीकटरा में हाथियों ने किया अमरैया को तहस-नहस

कोरबा 10 जून। जिले के कटघोरा व कोरबा वनमंडल में इन दिनों 66 की संख्या में हाथी विचरण कर रहे हैं जिनमें से 18 हाथी कटघोरा के जटगा रेंज के जटगा व परिसर में सक्रिय हैं। जबकि 18 हाथी कोरबा के करतला रेंज अंतर्गत कोई व बोड़ाझाप, नोनबिर्रा के जंगल में मौजूद हैं। कोई में मौजूद 10 हाथी पहाड़ पर घूम रहे हैं वहीं बोड़ाझाप नोनबिर्रा में 8 हाथियों के दल ने आने से पहले रास्ते में तुर्रीकटरा में स्थित ग्रामीणों के अमरैया बाड़ी में प्रवेश कर वहां लगे आम के पेड़ों को उत्पात मचाते हुए तहस-नहस कर दिया।
ग्रामीणेां को इसका पता आज सुबह तब चला जब वे अपने बाड़ी को देखने गए तो वहां पर आम के पेड़ों को टूटा हुआ पाया। बाड़ी में हाथियों के पैरों के निशान थे। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। जिस पर वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचकर नुकसानी के आंकलन में जुट गए हैं। उधर कटघोरा वनमंडल के जटगा रेंज के मेड़उड़ पहाड़ पर सक्रिय 48 हाथियों के झुंड में से बीती रात 7 हाथी अलग होकर बासीन सर्किल पहुंच गए। हाथियों का यह झुंड पहाड़ से नीचे उतरा और जंगल ही जंगल होते हुए बासीन वन परिसर में पहुंचने के साथ वहां डेरा डालकर विश्राम करने लगा है। हाथियों ने यहां तत्काल कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाया है लेकिन उत्पात की संभावना बनी हुई है जिसे देखते हुए वन विभाग ने हाथियों की निगरानी बढ़ा दी है। मैदानी अमले के द्वारा ड्रोन कैमरे से उसकी हर गतिविधियों पर नजर रखा जा रहा है।
