बीच समुद्र में बना है भारत का यह ऐतिहासिक किला, आइए 15वीं सदी के इस किले को जानें

नई दिल्ली। भारत में बेहद खूबसूरत और ऐतिहासिक किले हैं। यहां पर राज करने वाले राजाओं ने अपने राज्य की सुरक्षा के लिए किलों के निर्माण कराए हैं। यहां ऐसे कई प्राचीन किले हैं, जो अपने आप में कई रहस्य समेटे हुए हैं। एक इसी तरह का किला महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के तटीय गांव मुरुद में स्थित है, जिसे मुरुद जंजीरा किला के नाम से जाना जाता है।
समुद्र तल से 90 फीट की ऊंचाई पर बने इस किले की खासियत है कि यह बीच समुद्र (अरब सागर) में बना हुआ है।

के पश्चिमी तट मुरुद जंजीरा किला भारत के पा का एक मात्र ऐसा किला है, जो कभी भी जीता नहीं जा सका। कहा जाता है कि ब्रिटिश, पुर्तगाली, मुगल, शिवाजी महाराज, कान्होजी आंग्रे, चिम्माजी अप्पा और संभाजी महाराज ने इस किले को जीतने का काफी प्रयास किया था, लेकिन इनमें से कोई भी सफल नहीं हो सका। यही वजह है कि 350 साल पुराने इस किले को ‘अजेय किला’ कहा जाता है।
15वीं सदी में हुआ था किले का निर्माण
मुरुद- जंजीरा किले का दरवाजा दीवारों की आड़ में बनाया गया है, जो किले से कुछ मीटर दूर जाने पर दीवारों के कारण दिखाई देना बंद हो जाता है। कहा जाता है यही वजह वजह रही होगी कि दुश्मन किले के पास आने के बावजूद चकमा खा जाते थे और किले में घुस नहीं पाते थे। इस किले का निर्माण अहमदनगर सल्तनत के मलिक अंबर की देखरेख में 15वीं सदी में हुआ था। बताया जाता है कि इसका निर्माण 22 साल में हुआ था।

40 फीट ऊंची दीवारों से घिरा हुआ है
यह किला 40 फीट ऊंची दीवारों से घिरा हुआ है। माना जाता है कि यह किला पंच पीर पंजातन शाह बाबा के संरक्षण में है।
