मुड़ागांव में कोयला खदान के लिए पेड़ों की कटाई, पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया, कांग्रेस विधायक विद्यावती सिदार कहीं राजनीति तो नहीं कर रहे..?

रायगढ़। जिले के तमनार विकासखंड के मुड़ागांव में कोयला खदान के लिए किया जा रहा है पेड़ों की कटाई, वह भी ग्रामीण इसका विरोध ना करे सुबह से हजारों की संख्या में पुलिस फोर्स लगाकर पेड़ो की किया जा रहा है। आखिर प्रशासन क्या करना चाहता है। क्यों वनांचल को नष्ट करने पर लगा हुआ है। भोले भाले ग्रामीणों को हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात कर रोका जा रहा है। आखिर किसको फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है हद तब हो जाती है जब क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भाजपा नेता सत्यानंद राठिया और वर्तमान में कांग्रेस विधायिका विद्यावती सिदार को गिरफ्तार कर लिया जाता है।
विदित हो की अडानी कंपनी के प्रस्तावित कोयला खदान के लिए जंगल की कटाई किया जा रहा है। गांव के मुख्य द्वार को पुलिस के द्वारा ब्रेकेटिंग कर ग्रामीणों को रोका जाता रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर अवैधानिक तरीके से पेड़ों की कटाई की जा रही है। मुड़गांव में ग्रामीणों के विरोध के बाद लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार समर्थन में आए, तब पुलिस ने लैलूंगा विधायक को तथा बीजेपी के पूर्व विधायक सत्यानंद राठिया को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। 50 से अधिक ग्रामीणों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प भी हुईं।
बरसात में डटी रही पुलिस, होती रही पेड़ों की कटाई
कल शाम से ही रुक रुक कर खंड वर्षा हो रही है। विकासखंड तमनार के वनांचल क्षेत्र में वर्षा होने के बावजूद ऐसी क्या जरूरत आंन पड़ी की बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि बारिश होने पर भी पुलिस की तैनाती रही और पेड़ो की कटाई होती रही। जब ग्रामीण विरोध करने के लिए आए तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया या फिर रास्ते में ही रोक दिया गया। सुबह से ग्रामीण महाजनको के प्रस्तावित कोयला खनन के लिए हो रहे पेड़ों की कटाई के विरोध में एकत्र हो रहे थे। महाजेनको के कोयला खदान से 14 गांव प्रभावित हो रहे है।
क्या नियम के खिलाफ हो रहे पड़े की कटाई
रायगढ़ वन मंडल के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगर कोई निजी व्यक्ति पेड़ की कटाई करता है, तो अपने अपने निजी जमीन में एक के अनुपात लगभग 100 पेड़ लगाने का नियम है। हालांकि इसकी देखरेख और नजर रखने की कोई भी एजेंसियां या विभाग में राज्य शासन से नियुक्ति नहीं की गई है। इसलिए इसका दुरुपयोग आसानी से किया जाता है।
कहीं राजनीतिक लेने लाभ लेने की कोशिश तो नहीं?
भाजपा की डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद भाजपा के जनप्रतिनिधि एवं भाजपा सरकार में मत्री रह चुके सत्यानंद राठिया को जिले के विकासखंड तमनार के मुड़गांव में पेड़ो की कटाई के विरोध में पुलिस ने जिस तरह गिरफ्तार किया वह समझ से परे है। ऐसे में कई सवाल खड़े होते हैं। यही बात कांग्रेस विधायक विद्यावती सिदार पर भी लागू होती है। आखिर पहले प्रभावित गांवों में जाकर लोगों से क्यों नहीं मिली? पेड़ों की कटाई को अंतिम रूप दिया गया उस समय अचानक विरोध करने पहुंचकर, अपनी उपस्थिति दिखाकर गिरफ्तारी देना कहीं राजनीति लाभ लेने की तो कोशिश तो नहीं है?
