रेलवे ने 18 ट्रेनों से छीना सुपरफास्ट का दर्जा: 1 जनवरी 2027 से बदल जाएंगे ट्रेन नंबर, यात्रियों को मिलेगी किराये में राहत

Indian Railways News: भारतीय रेलवे ने यात्रियों से जुड़ा बड़ा फैसला लेते हुए 18 ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब ये ट्रेनें सुपरफास्ट एक्सप्रेस के बजाय सामान्य एक्सप्रेस ट्रेन के रूप में संचालित होंगी। इस सूची में पूर्णागिरि जनशताब्दी, सप्तक्रांति और श्रमजीवी एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों के नाम भी चर्चा में हैं। सुपरफास्ट श्रेणी समाप्त होने के बाद यात्रियों को टिकट पर लगने वाला अतिरिक्त सुपरफास्ट चार्ज नहीं देना होगा। इससे अलग-अलग श्रेणियों के यात्रियों को 30 से 75 रुपये तक की राहत मिल सकती है।

रेलवे के इस फैसले का असर दिल्ली, बिहार, उत्तराखंड और पंजाब के यात्रियों पर विशेष रूप से पड़ेगा। 1 जनवरी 2027 से संबंधित ट्रेनों के नंबर बदल जाएंगे। ऐसे में यदि आप टनकपुर-दिल्ली, देहरादून-काठगोदाम, मुजफ्फरपुर-आनंद विहार या राजगीर-नई दिल्ली रूट पर यात्रा करते हैं, तो टिकट बुक करने से पहले ट्रेन का नया नंबर जरूर जांच लें।

18 ट्रेनों के नंबर में बदलाव, 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे नए नंबर

रेलवे के फैसले के अनुसार इन 18 ट्रेनों के पुराने नंबरों की जगह नए नंबर जारी किए जाएंगे। यात्रियों को नए साल से टिकट बुकिंग, ट्रेन सर्च और यात्रा की योजना बनाते समय नए नंबरों का इस्तेमाल करना होगा।

सुपरफास्ट का दर्जा क्यों खत्म किया गया?

रेलवे के निर्धारित मानकों के अनुसार किसी ट्रेन को सुपरफास्ट श्रेणी में रखने के लिए उसकी औसत गति कम से कम 55 किलोमीटर प्रति घंटा होनी चाहिए। इसकी गणना ट्रेन की कुल दूरी और यात्रा में लगने वाले कुल समय के आधार पर की जाती है। इसमें ट्रेन की जाने और वापसी, दोनों दिशाओं की औसत रफ्तार को ध्यान में रखा जाता है।

रेलवे की समीक्षा में इन 18 ट्रेनों की औसत गति निर्धारित मानक से कम पाई गई। इसके बाद इन्हें सुपरफास्ट श्रेणी से हटाकर सामान्य एक्सप्रेस ट्रेन में शामिल करने का फैसला लिया गया है।

यात्रियों को टिकट में कितनी मिलेगी राहत?

सुपरफास्ट ट्रेनों में सामान्य किराये के अतिरिक्त सुपरफास्ट अधिभार (Superfast Surcharge) भी वसूला जाता है। अब इन ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा समाप्त होने के बाद यात्रियों को यह अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।

क्लास के हिसाब से मिलने वाली संभावित राहत इस प्रकार है:

  • स्लीपर क्लास: 30 रुपये की बचत।
  • थर्ड एसी और थर्ड एसी इकोनॉमी: 45 रुपये की बचत।
  • सेकंड एसी: 45 रुपये की बचत।
  • एसी चेयरकार: 45 रुपये की बचत।
  • फर्स्ट एसी: 75 रुपये की बचत।
  • एग्जीक्यूटिव क्लास: 75 रुपये की बचत।

इस बदलाव से इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर किराये का बोझ कुछ कम होगा।

देखें 18 ट्रेनों की पूरी लिस्ट, पुराने और नए नंबर

क्र.ट्रेन का रूटपुराना नंबरनया नंबर
1टनकपुर–दिल्ली जंक्शन1203515317
2दिल्ली जंक्शन–टनकपुर1203615318
3देहरादून–काठगोदाम1209115315
4काठगोदाम–देहरादून1209215316
5मुरादाबाद–रामनगर2501315313
6रामनगर–मुरादाबाद2501415314
7मुरादाबाद–रामनगर2503515335
8रामनगर–मुरादाबाद2503615336
9इस्लामपुर–नई दिल्ली2080118633
10नई दिल्ली–इस्लामपुर2080218634
11दरभंगा–जालंधर सिटी2255115541
12जालंधर सिटी–दरभंगा2255215542
13पाटलिपुत्र–चंडीगढ़2235513255
14चंडीगढ़–पाटलिपुत्र2235613256
15मुजफ्फरपुर–आनंद विहार टर्मिनल1255715577
16आनंद विहार–मुजफ्फरपुर1255815578
17राजगीर–नई दिल्ली1239113291
18नई दिल्ली–राजगीर1239213292

दिल्ली, बिहार, पंजाब और उत्तराखंड के यात्रियों के लिए जरूरी खबर

ट्रेनों के नंबर बदलने का सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो नियमित रूप से इन रूटों पर सफर करते हैं। टनकपुर-दिल्ली और देहरादून-काठगोदाम रूट के यात्रियों को नए नंबरों का ध्यान रखना होगा। वहीं बिहार से दिल्ली, पंजाब और चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों को भी टिकट बुकिंग के दौरान ट्रेन की नई पहचान जांचनी होगी।

पुराने ट्रेन नंबर से टिकट सर्च करने या यात्रा की योजना बनाने में परेशानी हो सकती है। इसलिए 1 जनवरी 2027 से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या NTES ऐप पर ट्रेन की नई जानकारी जरूर चेक करें।

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