नियमों को ताक पर रखकर हो रहा पटाखों का थोक कारोबार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

कोरबा, 2 नवम्बर। एक ओर प्रशासन सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सख्ती के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कटघोरा में विस्फोटक श्रेणी में आने वाले पटाखों के थोक कारोबार में नियमों की अनदेखी किए जाने की शिकायत सामने आ रही है। स्थिति यह है कि जानकारी के अनुसार कटघोरा क्षेत्र में पटाखों के भंडारण के लिए वैध लाइसेंस केवल तीन लोगों के पास है, जबकि पटाखों की सप्लाई करने वालों की संख्या इससे कहीं अधिक बताई जा रही है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

विस्फोटक श्रेणी में शामिल पटाखों के भंडारण, परिवहन, बिक्री और उपयोग को लेकर शासन की ओर से कई नियम निर्धारित किए गए हैं। इनका उद्देश्य संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद दीपावली के त्योहारी सीजन में कटघोरा में इन नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि अधिकृत भंडारण लाइसेंसधारियों की तुलना में इस कारोबार में कई अन्य लोग भी सक्रिय हैं। क्षेत्र में छह से अधिक स्थानों पर खुदरा विक्रेताओं को पटाखों की उपलब्धता कराए जाने की जानकारी सामने आई है। इन स्थानों पर पटाखे लेने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ भी देखी जा रही है।

जानकार सूत्रों के मुताबिक, कटघोरा क्षेत्र में पटाखों के भंडारण के लिए प्रशासनिक प्राधिकरण की ओर से केवल तीन व्यक्तियों को ही लाइसेंस जारी किए गए हैं। नियमानुसार लाइसेंसधारी निर्धारित सुरक्षा मानकों और शर्तों का पालन करते हुए ही पटाखों का भंडारण एवं कारोबार कर सकते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि लाइसेंसधारियों की संख्या तीन है तो फिर आधा दर्जन से अधिक स्थानों से पटाखों की थोक सप्लाई कैसे संचालित हो रही है? क्या इन सभी स्थानों पर निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है? पटाखों का कारोबार सामान्य व्यापार से अलग है, क्योंकि ज्वलनशील और विस्फोटक सामग्री के भंडारण में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नियमों की अनदेखी की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस स्थिति में किसी अप्रिय घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

अब सवाल यह है कि जब पटाखों के भंडारण और बिक्री के लिए स्पष्ट नियम एवं लाइसेंस व्यवस्था निर्धारित है, तो कटघोरा में कथित तौर पर संचालित हो रहे इन अतिरिक्त सप्लाई केंद्रों की जांच क्यों नहीं की जा रही है? क्या संबंधित विभाग को इसकी जानकारी नहीं है या फिर निगरानी व्यवस्था में कहीं चूक हो रही है? प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों को मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के साथ ही नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि त्योहार के दौरान आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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