कोल माइंस में खनन रोके जाने पर 30 से ज्यादा लोगों पर अपराध दर्ज

कोरबा, 28 अक्टूबर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड को वित्त वर्ष 2026-27 के अक्दटूबर के अंतिम दिनों में तगड़ी चोट पहुंची, जबकि कुछ लोगों ने मिलकर गेवरा माइंस में खनन गतिविधियां रूकवा दी। एसईसीएल प्रबंधन की रिपोर्ट पर दीपका पुलिस ने 30 से ज्यादा लोगों के खिलाफ बीएनएस की कई धाराओं में अपराध दर्ज किया है। समय के साथ एसईसीएल ने अपने कामकाज के तरीके को न केवल बदला है बल्कि आये दिन होने वाले ऐसी गतिविधियों से निपटने के लिए आक्रामक रूख दिखाया है। मंगलवार को कोरबा जिले में स्थित मेगा माइंस गेवरा में प्रदर्शन के चक्कर में लगभग 6 घंटे तक उत्पादन प्रक्रियाएं प्रभावित हुई।

भूविस्थापितों का नाम लेकर कुछ लोगों ने यहां पर प्रदर्शन किया। आउटसोर्सिंग पर काम करने वाली कुछ कंपनियां निशाने पर रहीं। आरोप था कि विस्थापितों के नियोजन से लेकर अन्य मामलों में उचित कार्यवाही नहीं की जा रही है। प्रबंधन स्तर पर विस्थापितों के मामले अटके हुए हैं। बार-बार पत्राचार और ध्यानाकर्षण के बावजूद परिणाम शून्य है। प्रदर्शन के लिए मंगलवार का दिन इसलिए चुना गया क्योंकि इसी मौके पर एसईसीएल के सीएमडी का प्रवास था। माना जा रहा है कि दबाव की राजनीति के तहत इस काम को हाथ में लिया गया ताकि इमेज ब्रांडिंग बेहतर तरीके से हो सके और उपर तक मामले को पहुंचाने में सहूलियत हो।

सूत्रों के अनुसार प्रदर्शन के चक्कर में कंपनी का उत्पादन और दूसरे कामकाज पर भारी असर पड़ा। कंपनी को इन कारणों से जमकर नुकसान हुआ। उसने इस तरह के मामलों पर अब शिथिलता बरतने के बजाय दो-दो हाथ करना तय किया। इसी के तहत इस प्रकरण को लेकर दीपका पुलिस थाना में विधि सम्मत प्रक्रिया को फॉलो किया। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन की अगुवाई करने वालों सहित 35 के आसपास लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में नियमानुसार आगे एक्शन होगा। इससे पहले भी कई घटनाक्रमों को लेकर एसईसीएल ने इसी तरह से एक्शन लिया। कंपनी का कहना है कि वह राष्ट्र के लिए काम कर रही है।

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