जिले में धूमधान से मनाया गया विजयादशमी उत्सव

कोरबा, 21 अक्टूबर। सत्य, धर्म, न्याय और नीति के विजय के पर्व दशहरा पर पूर्व में अनेक स्थानों पर दशानन के पुतले जलाए गए। हजारों की संख्या में लोग इस दृश्य को देखने के लिए उपस्थित हुए। राम रावण युद्ध के प्रसंग का मंचन के बाद रावण दहन संपन्न हुआ। लोगों ने एक दूसरे को विजय के पर्व की शुभकामनाएं दी।
कोरबा के पुराने बस स्टैंड में 61वें वर्ष में यह आयोजन संपन्न हुआ। इस तरह के दावे हैं कि नगर में सबसे पहले इस स्थान पर दशहरा का आयोजन हुआ था। बुधवारी बस्ती, ट्रांसपोर्ट नगर, शारदा विहार आवासीय परिसर, बालको नगर और उपनगर क्षेत्र में धूमधाम से दशहरा पर आयोजन हुआ। अलग-अलग आकार प्रकार के रावण के पुतले यहां पर तैयार किए गए। शाम 6.00 बजे से ही लोगों की उपस्थिति दशहरा को देखने के लिए यहां पर हुए। इससे पहले टेलीविजन स्क्रीन पर राम रावण युद्ध के साथ-साथ बच्चों को राम लक्ष्मण और हनुमान बनाकर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसका मंचन किया और इसके बाद पूजा अर्चना करते हुए रावण दहन की प्रक्रिया को पूरा किया। जमकर आतिशबाजी के प्रदर्शन के बाद रावण के पुतले में आग लगने के साथ जनता ने श्री राम का उद्घोष किया। लोगों ने विजय के पर्व के उपलक्ष में एक दूसरे को शुभकामनाएं दी। कोरबा की शारदा विहार फेस 2 में आयोजन समिति के द्वारा बच्चों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम रखे गए। बच्चों के द्वारा गीत संगीत के साथ धार्मिक प्रस्तुतीकरण किया और अपनी प्रतिभा दिखाई। नगर में और भी स्थान पर इस प्रकार के आयोजन करने के साथ लोगों को विजयादशमी के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराया गया।
विजयादशमी का उत्सव भले ही एक दिन मनाने की परंपरा है लेकिन कोरबा जिले में कई स्थान पर 15 दिन तक रावण को लोग जलाते नजर आएंगे। शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग दिन इसके लिए सुनिश्चित किए गए हैं और अपनी सुविधा से इस प्रकार के आयोजन रखें जाएंगे। नवरात्रि के बाद होने वाले इस आयोजन के साथ विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए दशहरा का उत्सव दूसरे दिवस में करने की प्लानिंग क्षेत्र के लोगों ने कुछ वर्ष पहले की और जो अब स्थापित हो गई है।
