उत्पात मचा रहा बंदर को नोवा नेचर टीम ने सुरक्षित पकड़ा

कोरबा, 6 अक्टूबर। हरदी बाजार और सराई सिंगार क्षेत्र में पिछले चार-पांच दिनों से दहशत का कारण बने आक्रामक बंदर को आखिरकार वन विभाग और नोवा नेचर की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। बंदर के पकड़े जाने के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली। कुछ दिन पूर्व भी बंदर ने ग्राम कटकी डबरी में आतंक मचाया हुआ था ग्रामीणों ने घेराबंदी कर गांव से बाहर छोड़ दिया था इसके बाद सराई सिंगार हरदी बाजार क्षेत्र में आतंक मचाना चालू कर दिया था।

स्थानीय लोगों के मुताबिक बंदर राह चलते लोगों, बच्चों और बड़ों को दौड़ा रहा था तथा काटने का प्रयास कर रहा था। इस दौरान करीब चार लोगों को बंदर द्वारा काटे जाने की जानकारी भी सामने आई, जिसके बाद क्षेत्र में भय का माहौल निर्मित हो गया था। बंदर के लगातार आक्रामक व्यवहार की सूचना लोगों ने वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी कटघोरा जितेंद्र कुमार उपाध्याय के निर्देश तथा उप वनमंडलाधिकारी हितेश ठाकुर के मार्गदर्शन में पाली वन परिक्षेत्र अधिकारी योगेश्वर बंजारे के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम डिप्टी रेंजर नमित तिवारी,महेंद्र देवांगन मौके पर पहुंची। अभियान में नोवा नेचर संस्था के जितेंद्र सारथी सहित टीम के सदस्य बबलू, राकेश मानिकपुरी और कमल चंद्रा शामिल रहे। रेस्क्यू अभियान के दौरान बंदर अचानक एक कमरे में घुस गया। स्थिति को देखते हुए टीम ने पूरी सावधानी बरतते हुए जाल डाला और बंदर को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उसे पिंजरे में रखा गया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बंदर को जंगल में उसके प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया गया। बंदर के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद हरदी बाजार ,सराई सिंगार और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली। लगातार कई दिनों से बंदर की गतिविधियों को लेकर बनी दहशत भी समाप्त हुई।

रेस्क्यू टीम ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों के रिहायशी क्षेत्र में पहुंचने पर उन्हें पकडने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दें। वन्यजीव कई बार भोजन, पानी अथवा प्राकृतिक रहवास में बदलाव के कारण मानव बस्तियों की ओर पहुंच जाते हैं।टीम ने कहा कि वन्यजीव को देखने के लिए भीड़ लगाना, उसे छेडना, घेरना या उसके बेहद करीब जाने का प्रयास करना जानलेवा हो सकता है। लोगों से वन्यजीवों के प्रति सतर्कता बरतते हुए रेस्क्यू टीम को सहयोग करने की अपील की गई।रेस्क्यू अभियान में डिप्टी रेंजर नमित तिवारी, वन रक्षक महेंद्र देवांगन तथा नोवा नेचर की टीम से बबलू, राकेश मानिकपुरी और कमल चंद्रा की विशेष भूमिका रही।

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