केरल : सीएम फेस को लेकर कांग्रेस में घमासान, राहुल गाँधी का गुटबाजी पर सख्त रुख

तिरुवनंतपुरम (एजेंसी)। केरल में मुख्यमंत्री कौन बनेगा ? भारी बहुमत होने के बाद भी इस सवाल का जवाब कांग्रेस के पास नहीं है। इस सवाल का जवाब तलाशने को लेकर बैठकें भी हो रही हैं, बावजूद इसके जवाब अभी तक नहीं मिल सका है। इस बीच मुख्यमंत्री चेहरे के चयन को लेकर पार्टी की अंदरूनी कलह ने तीखा रूप ले लिया है। दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर शनिवार को आयोजित हुई तीन ने घंटे की मैराथन बैठक के बावजूद तीन प्रमुख दावेदारों (वीडी सतीशन, एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमेश चेनिथला) के बीच सहमति नहीं बन सकी। हालांकि हाई कमान को इस बात की राहत जरूर मिली कि तीनों नेताओं ने अपने समर्थकों से सड़क पर प्रदर्शन न करने की अपील जारी करने पर सहमति जताई। वीडी सतीशन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि प्रदेश भर में लगाए गए सभी फ्लेक्स बोर्ड और बैनर हटा दिए जाएं।
नेता प्रतिपक्ष का गुटबाजी पर सख्त रुख
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केरल की सड़कों पर कांग्रेस की खुली गुटबाजी पर बेहद नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में यूडीएफ की शानदार जीत की चमक को इस अंदरूनी कलह ने धूमिल कर दिया है। राहुल गांधी ने तीनों दावेदारों से साफ कहा कि भारी जनादेश मिलने के बावजूद इस तरह का सार्वजनिक दबाव बनाने का तरीका उचित नहीं है। उधर खबर है कि बैठक में तीनों नेता अपने-अपने दावों पर अडिग रहे। केसी वेणुगोपाल ने दावा किया कि उन्हें कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) में बहुमत का समर्थन हासिल है और 63 विधायकों में से 40 से अधिक – उनके पक्ष में हैं। रमेश चेन्निथला ने वरिष्ठता का मुद्दा उठाया, जबकि वीडी सतीशन ने यूडीएफ सहयोगियों का समर्थन और जनता की राय को अपने पक्ष में बताया। रिपोर्ट के अनुसार सतीशन ने हाई कमान को चेताया कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया तो वे कोई पद स्वीकार नहीं करेंगे।
