जेलेंस्की- ट्रंप मीटिंग: पहले हुआ तकरार, फिर हुआ इकरार…!

नई दिल्ली. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से मुलाकात के दौरान शुक्रवार को वाइट हाउस में हुई तीखी तकरार को ज्यादा तूल नहीं दिया। अमरीकी मीडिया के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि दोस्तों के बीच ‘खुली’ और ‘ईमानदार’ बातचीत होनी चाहिए। उन्होंने पिछले तीन साल से चल रहे यूक्रेन -रूस युद्ध में अमरीकी सहयोग के लिए ट्रंप और अमरीकी जनता का आभार भी जताया और कहा कि वह खनिज समझौते के लिए तैयार हैं। जेलेंस्की ने कहा कि ‘रिश्ते सुधर सकते हैं’ क्योंकि यूक्रेन और अमरीका के संबंध ‘दो राष्ट्रपतियों’ से ज्यादा मायने रखते हैं।

जेलेंस्की ने कहा, ‘हम खनिज समझौते पर हस्ताक्षर के लिए तैयार हैं। यह सुरक्षा गारंटी की दिशा में पहला कदम होगा। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है, हमें इससे अधिक की आवश्यकता है। बिना सुरक्षा गारंटी के संघर्ष विराम यूक्रेन के लिए खतरनाक हो सकता है। हम तीन वर्ष से लड़ रहे हैं। यूक्रेनी जनता को जानने की जरूरत है कि अमरीका हमारे साथ है।’ दरअसल, शुक्रवार को वाइट हाउस पहुंचे जेलेंस्की और ट्रंप की मुलाकात एक ऐसी तीखी बहस में तब्दील दो गई, जिसे देखकर दुनिया हैरान रह गई है।

आम तौर पर दो शासनाध्यक्षों के बीच ऐसी वार्ताएं नहीं दिखती है। इस घटनाक्रम पर दुनियाभर से प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आई है। यूरोप के कई देशों राष्ट्रपति जेलेंस्की के प्रति सद्भावना दिखाते हुए कहा कि वह अपने को अकेला न समझें। हालांकि ज्यादातर देशों ने किसी एक पक्ष का साथ लेने से अपने को रोका। इस घटनाक्रम के बाद दुनिया यह समझने की कोशिश कर रही है कि दूसरी बार राष्ट्रपति बने ट्रंप के फैसलों और व्यवहार के मद्देनजर क्या रवैया अपनाए।

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