अमेरिका पर निर्भरता खत्म करने यूरोप बना सकता है अपनी सेना

कीव / ब्रसेल्स. अमरीका संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के उस यूरोप समर्थित प्रस्ताव का विरोध करने जा रहा है, जिसमें यूक्रेन से रूसी सेना को तत्काल वापस बुलाने की मांग की गई है। इतना ही नहीं, संयुक्त राष्ट्र की महासभा में इस प्रस्ताव पर मतदान से पहले अमरीका ने यूक्रेन पर दबाव बनाया है कि वह इस प्रस्ताव को वापस ले ले और अमरीका के उस प्रस्ताव का समर्थन करे जिसमें यूक्रेन युद्ध को तत्काल खत्म करने की मांग की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, अमरीका के इस प्रस्ताव में यूक्रेन की संप्रभुता का • कोई जिक्र नहीं है। गौरतलब है कि यूक्रेन ने अपने मसौदा प्रस्ताव को वापस लेने से इनकार कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की तीसरी बरसी के मौके पर इस प्रस्ताव पर इसी सप्ताह मतदान करने जा रही है। गौरतलब है कि ट्रम्प प्रशासन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी अपने प्रस्ताव पर मतदान की मांग कर रहा है। इस महीने सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहे चीन ने अमरीकी प्रस्ताव पर मतदान के लिए मंगलवार का दिन निर्धारित किया है।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमरीकी प्रशासन के सभी अधिकारी रूस को आक्रमणकारी मानने से इंकार कर रहे हैं, जबकि यूएन के हालिया बयान भी रूस को आक्रमणकारी की तरह देखते हैं। सोमवार को ही अमरीका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने भी कहा कि रूस को आक्रमण के लिए मजबूर किया गया। वहीं, अमरीकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने स्पष्ट कहा है कि यूक्रेनी राष्ट्रपति को वार्ता शुरू करनी होगी।

यूक्रेन के साथ आया यूरोप

अमरीका के ट्रंप प्रशासन के रुख से उलट यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वेन डेयर लेयन समेत संघ के अहम नेता यूक्रेन युद्ध की तीसरी बरसी पर यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे। उनके साथ कनाडा के पीएम जस्टिन टूडो भी थे। इससे पूर्व यूरोपीय संघ की विदेश मंत्री काजा कालास ने रूस पर 17वें प्रतिबंधों का ऐलान किया, जिसमें रूसी तेल ले जाने वाले टैंकर और रूस की मदद करने वाले बैंक शामिल किए गए।

यूरोप बना सकता है अपनी स्वतंत्र सेना

जर्मनी में चुनावों के बाद चांसलर पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे फ्रेडरिक मैर्ल्स ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि ट्रंप प्रशासन के मौजूदा रवैये से साफ है यूरोप अब अमरीका पर निर्भर नहीं रह सकता। यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी के नेता मैर्ल्स ने कहा, यूरोप को मजबूत बनाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी ताकि उसे अपनी रक्षा के लिए वाशिंगटन पर निर्भर न रहना पड़े। मैर्ल्स ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि जून में होने वाली नाटो की अगली बैठक तक नाटो अपने ‘वर्तमान स्वरूप’ में अस्तित्व में रहेगा, या फिर हमें बहुत जल्दी एक स्वतंत्र यूरोपीय सेना बनानी होगी।

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