एटक ने मनाया स्थापना का 106 वां वर्ष, श्रमिक एकता को किया याद

विनोद यादव बोले- संघर्ष से हासिल हुए हैं श्रमिक अधिकार

कोरबा, 2 नवम्बर। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की स्थापना के 106 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कोरबा से लेकर गेवरा-दीपका क्षेत्र तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संगठन के गौरवशाली इतिहास, श्रमिक हितों के लिए किए गए संघर्षों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा में संगठन की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में संगठन से जुड़े पदाधिकारियों, श्रमिक नेताओं एवं सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए श्रमिक एकता को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में श्रमिक नेता एवं दीपका क्षेत्र के क्षेत्रीय महामंत्री विनोद कुमार यादव, जेसीसी सदस्य अजय राठौर तथा लक्ष्मण दास वैष्णव प्रमुख रूप से अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

क्षेत्रीय महामंत्री विनोद कुमार यादव ने अपने संबोधन में कहा कि ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के 106वें स्थापना दिवस पर हम उस ऐतिहासिक संगठन की विरासत को याद कर रहे हैं, जिसने देश के मजदूरों को संगठित कर उनके अधिकारों की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर आवाज दी। ्रढ्ढञ्जष्ट की स्थापना 31 अक्टूबर 1920 को मुंबई में हुई थी। इसके प्रथम अध्यक्ष महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय थे। उस दौर में देश अंग्रेजी हुकूमत के अधीन था। मजदूरों से लंबे समय तक काम लिया जाता था, उन्हें बेहद कम मजदूरी मिलती थी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कोई मजबूत राष्ट्रीय मंच मौजूद नहीं था। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में मजदूरों को एकजुट करने और उनके हक की लड़ाई लडने का ऐतिहासिक कार्य प्रारंभ किया।

उन्होंने कहा कि आज श्रमिकों को प्राप्त न्यूनतम मजदूरी, आठ घंटे का कार्यदिवस, बोनस, भविष्य निधि, पेंशन, चिकित्सा सुविधाएं और कार्यस्थल पर सुरक्षा जैसे अधिकार किसी के उपहार में नहीं मिले हैं। इनके पीछे मजदूरों का वर्षों का संघर्ष, त्याग और बलिदान छिपा हुआ है। श्रमिकों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहते हुए संगठनात्मक एकता बनाए रखनी होगी, क्योंकि मजदूर की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। कोयला उद्योग का उल्लेख करते हुए विनोद यादव ने कहा कि कोरबा, गेवरा, दीपका और कुसमुंडा जैसे कोयला क्षेत्रों के श्रमिक देश की ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके कठिन परिश्रम और समर्पण से देश की औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है। ऐसे में श्रमिकों के हितों की रक्षा, उनके सम्मान और सुरक्षित कार्य परिस्थितियों को सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने संगठन की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मजदूरों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्षरत रहने का आह्वान किया।

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