पटवारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच शासन सख्तः कोरबा में पटवारी निलंबित, मचा हड़कंप

13 अक्टूबर से जारी है राजस्व पटवारी संघ की हड़ताल, कोरबा सहित सरगुजा और बिलासपुर संभाग में भी कार्रवाई, प्रदेश अध्यक्ष भागवत कश्यप भी निलंबित
कोरबा, 2 नवम्बर। छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच शासन और प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। शासकीय कार्यों में लापरवाही और लगातार अनुपस्थित रहने के मामले में कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने तहसील दर्री में पदस्थ पटवारी मिथलेश वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, प्रदेश के अन्य संभागों में भी पटवारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। सरगुजा संभाग के 819 और बिलासपुर संभाग के 259 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा राजस्व पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष भागवत कश्यप को भी निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों में लापरवाही का आरोप
कोरबा जिले में निलंबित किए गए पटवारी मिथलेश वर्मा भैरोताल पटवारी हल्का नंबर 40, तहसील दर्री में पदस्थ थे। प्रशासन के अनुसार, उनके द्वारा भू-अभिलेख नियमावली के तहत दैनिक डायरी का संधारण नहीं किया जा रहा था। किसानों के एग्रीस्टैक पंजीयन और बकेट क्लेम डिजिटल कॉप मोबाइल ऐप में प्रविष्टि का कार्य भी प्रारंभ नहीं किया गया था। इसके अलावा नक्शा बंटाकन, राजस्व अभिलेखों में सुधार तथा खरीफ वर्ष 2025-26 की मैनुअल गिरदावरी से संबंधित कार्य भी लंबित पाए गए थे।
इन मामलों को लेकर कार्यालय कलेक्टर की भू-अभिलेख शाखा द्वारा 1 अक्टूबर 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। पटवारी मिथलेश वर्मा ने 5 अक्टूबर को अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन प्रशासन ने उनके स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना। प्रशासन के मुताबिक, वे 13 अक्टूबर से लगातार शासकीय कर्तव्यों से अनुपस्थित थे। उनकी अनुपस्थिति के कारण चक्रवात अर्नब से हुई फसल क्षति के आकलन और धान खरीदी से पहले किसानों की समस्याओं के निराकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील अजगरबहार निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
चार सूत्रीय मांगों को लेकर 13 अक्टूबर से हड़ताल
इधर, प्रदेश में राजस्व पटवारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल 13 अक्टूबर 2026 से जारी है। पटवारी पीवी ऐप के विरोध, दंडात्मक कार्रवाइयों की वापसी, वेतन विसंगति दूर करने और समय पर पदोन्नति सहित चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
हड़ताल के कारण धान खरीदी सत्यापन, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, नामांतरण सहित आम नागरिकों और किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसका असर ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक देखने को मिल रहा है, जहां किसानों को अपने राजस्व संबंधी कार्यों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
प्रदेशभर में बढ़ता जा रहा है टकराव
पटवारियों की हड़ताल और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच प्रदेश में स्थिति लगातार गंभीर होती दिखाई दे रही है। एक ओर पटवारी संघ अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन पर अड़ा हुआ है, वहीं दूसरी ओर शासन और जिला प्रशासन कामकाज प्रभावित होने को लेकर सख्ती बरत रहे हैं। कोरबा में पटवारी मिथलेश वर्मा का निलंबन और अन्य संभागों में सैकड़ों पटवारियों को नोटिस जारी होना इसी सख्ती का संकेत है। अब देखना होगा कि पटवारी संघ और शासन के बीच चल रहा यह गतिरोध कब समाप्त होता है और आम जनता तथा किसानों से जुड़े जरूरी राजस्व कार्य कब सामान्य हो पाते हैं।
