भारत-नेपाल बॉर्डर पर कसता शिकंजा: रमनगरा चौकी को थाना बनाने की तैयारी, 35 किमी का चक्कर होगा खत्म

कलीनगर (पीलीभीत)। भारत-नेपाल सीमा से सटे कलीनगर तहसील क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में रमनगरा पुलिस चौकी को थाने का दर्जा देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलने के बाद सीमावर्ती क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
थाना बनने से न केवल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलेगी, बल्कि सीमा पर निगरानी, तस्करी की रोकथाम और शांति व्यवस्था बनाए रखने में भी सहूलियत होगी।
दरअसल, रमनगरा पुलिस चौकी वर्तमान में माधोटांडा थाना क्षेत्र के अधीन आती है। चौकी के अंतर्गत आने वाले सीमावर्ती गांवों में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस चौकी पर है। मगर, रिपोर्ट दर्ज कराने और अन्य थानास्तरीय कार्यों के लिए ग्रामीणों को माधोटांडा थाने तक जाना पड़ता है। सीमावर्ती गांवों से माधोटांडा की दूरी लगभग 35 किलोमीटर है।
ऐसे में किसी घटना के बाद पुलिस से संबंधित कार्रवाई के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। खासकर दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों को समय और संसाधन दोनों खर्च करने पड़ते हैं।
रमनगरा क्षेत्र नेपाल और उत्तराखंड की सीमा से सटा हुआ है। भौगोलिक दृष्टि से विस्तृत और संवेदनशील इस इलाके में पुलिस की सक्रियता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। सीमावर्ती गांवों में पुलिस की पहुंच मजबूत होने से लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
भारत-नेपाल सीमा से सटे इस क्षेत्र में सुरक्षा की चुनौतियां भी कम नहीं हैं। सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
शारदा डैम और वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी रहेगी नजर
रमनगरा क्षेत्र के आसपास शारदा डैम और वन क्षेत्र होने के कारण वन्यजीवों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण विषय है। विशेषकर सर्दियों के मौसम में साइबेरियन समेत दूसरे प्रवासी पक्षियों की आवाजाही के दौरान शिकार की आशंका पर निगरानी रखना जरूरी हो जाता है।
