शहर से 40 किमी दूर पुटका पहाड़ वॉकथान पर गरमाई सियासत, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने निगम आयुक्त से मांगा पाई पाई का हिसाब

कोरबा, 23 अक्टूबर। कहते हैं विकास देखने के लिए नजर चाहिए, लेकिन कोरबा नगर निगम के नुमाइंदों ने विकास देखने के लिए ऐसी ‘दूर की कौड़ी’ फेंकी कि शहर से 40 किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच जा पहुंचे! पुटका पहाड़ में स्वच्छता का संदेश देने के नाम पर हुए ‘चलो रामकचहरी माया के द्वार’ वाले वॉकथॉन पर अब सियासत का पारा हाई हो गया है। इस वॉकथॉन पर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने निगम आयुक्त को कड़ा पत्र लिखकर इस आयोजन में खर्च हुई पाई-पाई का हिसाब मांग लिया है।
नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने सवाल उठाये हैं कि, जो जंगल पहले से ही प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित और साफ-सुथरे हैं, वहां शहर से 40 किमी दूर जाकर स्वच्छता का कार्यक्रम करना आमजन की समझ से परे है। विपक्ष का साफ कहना है कि जनता के टैक्स के पैसों का इस तरह का उपयोग कितना उचित है, इसकी वास्तविकता से शहर की जनता को भी अवगत कराया जाना चाहिए।
नगर निगम की ओर से 16 और 17 अक्टूबर को पुटका पहाड़ क्षेत्र में स्वच्छता जागरूकता अभियान के तहत वॉकथॉन का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के तहत पहले दिन भजन-कीर्तन और दूसरे दिन करीब 13 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली गई थी। लेकिन, शहर से इतनी दूर जंगल में जाकर स्वच्छता का संदेश देने के इस आयोजन पर नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने निगम आयुक्त को पत्र आयोजन में खर्च की गई राशि का ब्यौरा मांगा है।
नेता प्रतिपक्ष ने निगम आयुक्त से इस पूरे आयोजन पर सरकारी खजाने से कुल कितनी राशि खर्च की गई? कार्यक्रम के लिए बजट किस मद से और किसकी अनुमति से स्वीकृत किया गया था? निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के आने-जाने (परिवहन) तथा उनके भोजन का खर्च किस मद से वहन किया गया? इसकी जानकारी मांगी है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि कार्यक्रम पूरी तरह पारदर्शी और जनहित में था, तो उसके खर्च का विवरण सार्वजनिक करने में निगम प्रशासन को क्या आपत्ति हो सकती है?
नेता प्रतिपक्ष के सवाल पर नगर निगम आयुक्त की ओर अब तक कोई जवाब नहीं आया है। फिलहाल, कोरबा नगर निगम के स्वच्छता के नाम पर शहर से 40 किलोमीटर दूर हुआ यह आयोजन जनता के बीच बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है, और अब इसका पूरा वित्तीय ब्यौरा सामने आना बाकी है।
