बस्तर दशहरा में बड़ा हादसा: विजय रथ के पहिए के नीचे आने से एक की मौत, दूसरे का पैर कटा

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा में भीतर रैनी की रस्म से पहले दर्दनाक हादसा हो गया। आठ चक्कों वाले विजय रथ के पहिए की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का पैर कटने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और विजय रथ की गतिविधियां रोक दी गईं। सूचना मिलते ही एंबुलेंस को मौके पर बुलाया गया।

विजय रथ की चपेट में आया व्यक्ति, मौके पर मची अफरा-तफरी

जानकारी के अनुसार, बुधवार को बस्तर दशहरा की महत्वपूर्ण रस्म भीतर रैनी के आयोजन की तैयारियां चल रही थीं। इस दौरान गोलबाजार की परिक्रमा के लिए आठ चक्कों वाले विजय रथ के आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद थे। इसी बीच एक व्यक्ति रथ के पहिए की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं, एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।

घायल को तत्काल एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और रथ को रोक दिया गया। मृतक की पहचान की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

माता दंतेश्वरी का छत्र रथ पर विराजित होने से पहले हुआ हादसा

बस्तर दशहरा की भीतर रैनी रस्म का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। परंपरा के अनुसार, मावली परघाव की रस्म के बाद माता दंतेश्वरी के छत्र को आठ चक्कों वाले विजय रथ पर विराजित किया जाता है। इसके बाद रथ को जगदलपुर के गोलबाजार की परिक्रमा कराई जाती है।

बताया जा रहा है कि हादसे के समय तक माता दंतेश्वरी का छत्र विजय रथ पर विराजित नहीं हुआ था। रस्म शुरू होने से पहले ही हुए इस हादसे ने आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया।

भारी भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

बस्तर दशहरा की भीतर रैनी रस्म को देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। विजय रथ की परिक्रमा इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होती है। ऐसे में रथ के आसपास भारी भीड़ जमा रहती है।

हादसे के बाद आयोजन स्थल पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी और मृतक की पहचान का इंतजार है। हादसे के कारणों तथा आगे की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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