उल्लास महापरीक्षा संपन्न

383 केंद्रों में हुई परीक्षा, लगभग 98 प्रतिशत परीक्षार्थी शामिल
कहीं मां-बच्चे तो कहीं देवरानी-जेठानी, पति-पत्नी ने साथ दी परीक्षा
कोरबा, 28 सितंबर 2026/ कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के निर्देषन में जिले को पूर्ण साक्षर बनाने की दिशा में उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 27 सितंबर को महापरीक्षा आयोजित की गई। जिले के 383 उल्लास केंद्रों में हुई परीक्षा के लिए 7,817 परीक्षार्थी निर्धारित थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 98 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा केंद्रों पर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक का उत्साह दिखाई दिया।

पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड की प्राथमिक शाला समेलीभाठा में मां और बच्चे ने एक साथ परीक्षा दी। विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर की 22 वर्षीय संतोषी बाई अपने बच्चे को गोद में लेकर परीक्षा देने पहुंचीं। प्राथमिक शाला पोड़ी पंडोपारा में 32 वर्षीय मंगली पंडो ने परीक्षा दी। इसी केंद्र में 29 वर्षीय मनीता पंडो और उनके पति राजा राम पंडो ने साथ बैठकर अपनी सीखने की उपलब्धि परखी।
बढ़ती उम्र भी सीखने के उत्साह के आड़े नहीं आई। लगभग 90 वर्षीय घुरवा सिंह ने महापरीक्षा में भाग लिया। पाली विकासखंड के संकुल हरदीबाजार अंतर्गत प्राथमिक शाला न्यौसा में लगभग 78 वर्षीय जगोती बाई परीक्षार्थी के रूप में शामिल हुईं। पाली विकासखंड की प्राथमिक शाला टेढ़ीकुआं में 46 वर्षीय दिव्यांग परीक्षार्थी घासी राम ने परीक्षा दी।

रिश्तों के साथ सीखने का उत्साह भी परीक्षा केंद्रों पर दिखा। कोरबा विकासखंड की शासकीय प्राथमिक शाला रोकबहरी में जेठानी 47 वर्षीय बूंद कुंवर और देवरानी 42 वर्षीय मोहरबाई ने एक साथ परीक्षा दी। कटघोरा उपजेल में बंदियों ने भी उल्लास महापरीक्षा में भाग लिया। परीक्षा के दौरान साक्षरता विभाग की परियोजना अधिकारी श्रीमती ज्योति शर्मा ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया।
परीक्षा से पूर्व कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, स्वयंसेवी शिक्षकों और नागरिकों से परीक्षार्थियों को प्रोत्साहित करने तथा केंद्र तक पहुंचने में सहयोग देने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि साक्षरता व्यक्ति, परिवार और समाज के सशक्तिकरण का आधार है। महापरीक्षा में बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और परिवार के सदस्यों की सहभागिता ने “साक्षर कोरबा-समृद्ध कोरबा” के संकल्प को नई ऊर्जा दी है।
