//सेवा की कहानी//- सेवा संकल्प अभियान ‘सेवा मेरा योगदान’ से नन्हें कदमों को मिला सीखने और आगे बढ़ने का संबल

दिव्यांग सहायता शिविर में विशेष विद्यालयों के बच्चों को ब्रेल किट एवं श्रवण यंत्र सहित सहायक उपकरण प्रदान
अमृता के नन्हें हाथों में आई ब्रेल किट, पढ़ने की राह हुई आसान

कोरबा 25 सितम्बर 2026/ किताबों को पढ़ने, नई बातें सीखने और अपने सपनों को आकार देने की चाह हर बच्चे के मन में होती है। दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित बच्चों के लिए सहायक उपकरण उनकी शिक्षा और सीखने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ की इसी संवेदनशील भावना के साथ दिव्यांग सहायता शिविर में विशेष विद्यालयों में अध्ययनरत नन्हें बच्चों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इन उपकरणों ने बच्चों की पढ़ाई और सीखने की राह को सहज बनाने के साथ उनके चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास की चमक बिखेर दी।

सीएसईबी जूनियर क्लब में आयोजित दिव्यांग सहायता शिविर में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत द्वारा दिव्य ज्योति विशेष विद्यालय एवं उमंग दिव्यांग विद्यालय के दृष्टिबाधित एवं श्रवण बाधित बच्चों को ब्रेल किट, श्रवण यंत्र सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान किए गए। सहायक उपकरण पाकर बच्चों की आंखों और चेहरों पर झलकी खुशी ने पूरे वातावरण को भावनात्मक बना दिया। पढ़ने-सीखने के लिए उपयोगी सामग्री उनके हाथों में पहुंची तो उनके भीतर आगे बढ़ने का उत्साह और भी दिखाई दिया।

दिव्य ज्योति विशेष विद्यालय की कक्षा पहली में अध्ययनरत नन्हीं छात्रा कुमारी अमृता खूंटे को ब्रेल किट प्रदान की गई। ब्रेल किट मिलने पर अमृता ने खुशी व्यक्त की। नन्हीं अमृता के चेहरे पर आई मुस्कान और उत्साह यह एहसास कराने वाला रहा कि पढ़ने-लिखने के लिए मिला यह सहायक उपकरण उसके लिए सीखने की नई राह खोल रहा है। अब वह ब्रेल के माध्यम से अपनी पढ़ाई को और सहजता से आगे बढ़ा सकेगी।

उमंग दिव्यांग विद्यालय की दृष्टिबाधित छात्रा कुमारी आरती राठिया और छात्र आदित्य चौधरी ने भी ब्रेल किट पाकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि ब्रेल किट से उन्हें पढ़ने, लिखने और नई चीजें सीखने में सुविधा मिलेगी। बच्चों की प्रसन्नता में अपने सपनों को पूरा करने की उमंग साफ दिखाई दी।

दिव्य ज्योति विशेष विद्यालय के कुल 15 बच्चों, जिनमें 10 दृष्टिबाधित एवं 5 श्रवण बाधित बच्चे शामिल हैं, तथा उमंग दिव्यांग विद्यालय के कुल 25 बच्चों, जिनमें 9 दृष्टिबाधित एवं 16 श्रवण बाधित बच्चे शामिल हैं, को उनकी आवश्यकतानुसार सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इस प्रकार दोनों विशेष विद्यालयों के कुल 40 बच्चों को सहायक उपकरणों का लाभ मिला। ब्रेल किट दृष्टिबाधित बच्चों के लिए पढ़ने और लिखने का महत्वपूर्ण माध्यम है, वहीं श्रवण यंत्र श्रवण बाधित बच्चों के लिए सुनने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज बनाने में सहायक होगा। बच्चों को प्रदान किए गए ये सहायक उपकरण उनकी शिक्षा को आगे बढ़ाने के साथ उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को विकसित करने में भी सहयोग करेंगे। शिविर में बच्चों के चेहरों पर दिखाई दी प्रसन्नता इस पहल की आत्मीयता को और गहरा कर रही थी।

“’बच्चों की खुशी में झलकी सेवा की सार्थकता, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति जताया आभार”’

दिव्यांग बच्चों एवं विद्यालय के स्टॉफ ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और विकास के लिए सहायक उपकरण उपलब्ध होने से उन्हें सीखने, अपनी क्षमताओं को निखारने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में सहयोग मिलेगा।

‘सेवा मेरा योगदान’ के माध्यम से नन्हें बच्चों के हाथों में पहुंचे ये सहायक उपकरण उनके लिए केवल साधन नहीं, सीखने की नई संभावनाओं और आगे बढ़ने के विश्वास का संबल बन रहे हैं।

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