प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था को लेकर होगा पुनर्गठनः विद्युत उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत, दर्री से अलग होगा बांकीमोंगरा जोन

प्रदेश में बनेंगे 12 नए जोन, 6 वितरण केंद्र होंगे खत्म
नए जोन में अधिकारी-कर्मचारियों के पदस्थापना पर अब नजर
कोरबा, 18 सितंबर। छत्तीसगढ़ में बिजली वितरण व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक पुनर्गठन किया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने प्रदेश में 12 नए जोन और 2 नए वितरण केंद्र गठित करने की व्यवस्था की है। इस फेरबदल का असर कोरबा के दर्री क्षेत्र पर भी पड़ेगा। अब बांकीमोंगरा को दर्री से अलग कर स्वतंत्र जोन के रूप में विकसित किया जाएगा।
कंपनी के कार्यपालक निदेशक (मा.सं.) की ओर से 11 सितंबर 2026 को जारी आदेश में नए जोन और वितरण केंद्रों की संरचना तय की गई है। यह निर्णय कंपनी के संचालक मंडल की 142वीं बैठक, 13 अगस्त 2026 में पारित संकल्प के आधार पर लिया गया है।
कोरबा जिले के लिहाज से इस आदेश का सबसे अहम हिस्सा बांकीमोंगरा जोन का गठन है। अब तक दर्री क्षेत्र से जुड़ी बिजली वितरण व्यवस्था में शामिल बांकीमोंगरा को अलग प्रशासनिक पहचान मिलेगी।
यानी बिजली विभाग की मैदानी व्यवस्था में बांकीमोंगरा स्वतंत्र जोन के रूप में काम करेगा। नए जोन के गठन के साथ वहां बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की अलग प्रशासनिक व्यवस्था भी तैयार की जाएगी। आदेश के मुताबिक मंगला, कोनी, सरोना, कौशल्या माता विहार, गोगांव, डोंगरगढ़, बांकीमोंगरा, बालोद, बेमेतरा, कांकेर, जशपुर और पेंड्रारोड को नए जोन के रूप में शामिल किया गया है।
इसके अलावा लोरमी (ग्रामीण) और जेवरा-सिरसा को नए वितरण केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रावधान किया गया है।
पुनर्गठन के तहत डोंगरगढ़ (शहर), बेमेतरा (शहर), कांकेर (शहर), जशपुर (शहर), पेण्ड्रा (शहर) और पेण्ड्रारोड (शहर) सहित कुल 6 वितरण केंद्रों का विलोपन किया जाएगा। इन केंद्रों में मौजूद पदों और मानव संसाधन को नए गठित जोन में पुनर्नियोजित किया जाएगा।
नए जोन के संचालन के लिए सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, कार्यालय सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, लाइन सहायक और परीक्षण सहायक सहित विभिन्न पदों की व्यवस्था की गई है।वहीं लोरमी (ग्रामीण) और जेवरा-सिरसा वितरण केंद्र के लिए भी कनिष्ठ अभियंता, कार्यालय सहायक, लाइन सहायक, परीक्षण सहायक और परिचारक समेत अन्य पदों की व्यवस्था की गई है।
दर्री से अलग होकर बांकीमोंगरा को नया जोन बनाए जाने के बाद अब देखना होगा कि इसका स्थानीय उपभोक्ताओं को कितना सीधा फायदा मिलता है। नया जोन बनने से शिकायतों के निराकरण, लाइन फॉल्ट, बिजली आपूर्ति और मैदानी अधिकारियों की उपलब्धता में तेजी आती है या नहीं, इसका असर व्यवस्था लागू होने के बाद साफ दिखाई देगा।
