ममता बनर्जी को बड़ा झटका: TMC के नाम-चुनाव चिह्न पर रोक; कांग्रेस बोली- ज्ञानेश कुमार ने पीएम को दिया बर्थडे गिफ्ट

नई दिल्ली। कांग्रेस ने गुरुवार को चुनाव आयोग के अंतरिम फैसले की आलोचना की, जिसमें पश्चिम बंगाल विधानसभा के आगामी उपचुनावों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को पार्टी के नाम और आरक्षित चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया गया है। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इसे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मोदी जी को लेट नाइट बर्थडे गिफ्ट बताया। एक्स पर पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला ममता बनर्जी के गुट को कमजोर करने का प्रयास है।

वेणुगोपाल ने लिखा कि एआईटीसी के नाम और चिह्न को फ्रीज करना, भाजपा द्वारा असंवैधानिक कब्जे के बाद – सीईसी ज्ञानेश कुमार का मोदी जी को लेट नाइट बर्थडे गिफ्ट है। ममता बनर्जी के नेतृत्व में भाजपा के खिलाफ लड़ने वालों को अब उनके खिलाफ विद्रोह करने और दलबदल का मौका दिया जा रहा है। आगे कहा कि चुनाव आयोग ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भाजपा के हाथ की कठपुतली है। शिवसेना, एनसीपी और अब एआईटीसी – जो भी भाजपा का विरोध करता है, उसकी चुनावी पहचान छीन ली जाती है। हम इसकी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि चुनाव आयोग तुरंत दो पत्तियों का चिह्न ममता बनर्जी को बहाल करे।

चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर में होने वाले उपचुनावों के लिए दोनों गुटों को टीएमसी नाम और चिह्न इस्तेमाल करने से रोक दिया है। जुलाई में दोनों गुटों ने पार्टी पर नियंत्रण का दावा किया था। 12 सितंबर को दोनों पक्षों की सुनवाई हुई और 16 सितंबर को अंतिम सबमिशन मांगे गए। व्यापक विवाद अभी अनसुलझा है।

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