हरितालिका तीजा का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया

शिव-पार्वती पूजन कर अखंड सौभाग्य की कामना
कोरबा 14 सितंबर। नगर सहित जिले में हरितालिका तीजा का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। भाद्रपद शुक्ल तृतीया को महिलाओं ने अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा और भगवान शिव-पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने रेत से शिव-पार्वती की प्रतिमा तैयार कर इसे आकर्षक रूप से सजाया।
हरितालिका तीजा के अवसर पर कोरबा नगर के अलावा उप नगरीय क्षेत्र, कस्बों में महिलाओं में खासा उत्साह नजर आया। व्रती महिलाओं ने रेत से भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा तैयार की। इसके बाद केले के मंडप में विभिन्न वनस्पतियों से पूजा स्थल को सजाया गया। महिलाओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर अपने परिवार और पति की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजन के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती को परंपरागत नैवेद्य अर्पित किए गए। इसके बाद महिलाओं ने पुरोहित से हरितालिका तीजा व्रत की कथा का श्रवण किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महिलाएं इस व्रत को अपने अखंड सौभाग्य और वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए करती हैं।
पंडित मुनेश्वर मिश्रा ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं में हरितालिका तीजा व्रत का विशेष महत्व है। लंबे समय बाद इस बार तृतीया और चतुर्थी युक्त मुहूर्त का संयोग बना है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक व्रत और उत्सव हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ समाज को आस्था, संस्कार और एकता का सार्थक संदेश भी देते हैं। कोरबा नगर और अन्य स्थानों पर भी हरितालिका व्रत की पूजा अर्चना आज सुबह की गई तो बहुत से स्थान पर रात्रि को यह पूजा की जाएगी। बताया गया कि मंगलवार को सुबह यह व्रत पूरा होगा। विसर्जन के साथ व्रती परायण करेंगे।
