कार्रवाई के बाद भी सीतामढ़ी घाट में फिर दिखे रेत से लदे वाहन, नहीं थम रहा अवैध उत्खनन- परिवहन?

कोरबा 13 सितंबर। सीतामढ़ी क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर खनिज विभाग की कार्रवाई के बावजूद हालात सुधरते नजर नहीं आ रहे हैं। कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र से 9 वाहनों की जब्ती के बाद अब एक ताजा वीडियो सामने आया है, जिसमें रेत घाट क्षेत्र में ट्रैक्टर समेत कई वाहन और लोगों की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं।
वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सामने आए वीडियो में नदी किनारे रेत के मैदान में कई वाहन नजर आ रहे हैं। इनमें ट्रैक्टर भी शामिल हैं। वीडियो में लोगों की गतिविधियां भी दिखाई दे रही हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब इसी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वाहन जब्त किए जा चुके हैं, तो उसके बाद भी घाट क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही कैसे जारी है?
एक ओर खनिज विभाग अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सामने आया ताजा वीडियो जमीनी स्तर पर निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कार्रवाई के बाद घाट क्षेत्र में लगातार निगरानी की जा रही है या नहीं? यदि निगरानी हो रही है तो प्रतिबंधित क्षेत्र में इतने वाहनों की मौजूदगी कैसे सामने आई? स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या कार्रवाई का वाहन संचालकों पर कोई असर नहीं हो रहा है और क्या उन्हें दोबारा घाट तक पहुंचने का मौका मिल रहा है?
सीतामढ़ी घाट से सामने आया वीडियो प्रशासन और खनिज विभाग के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि संबंधित क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर रोक है, तो वहां पहुंचने वाले वाहनों की नियमित जांच और निगरानी क्यों नहीं हो रही है? एक तरफ कार्रवाई में वाहन जब्त किए जाते हैं और दूसरी तरफ कुछ समय बाद उसी क्षेत्र में फिर वाहनों की मौजूदगी दिखाई देती है। ऐसे में अब सिर्फ वाहन जब्त करने की कार्रवाई ही नहीं, बल्कि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी और जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है।
प्रशासन और खनिज विभाग को सामने आए वीडियो की जांच कर मौके का सत्यापन करना चाहिए। यदि जांच में अवैध उत्खनन या परिवहन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के साथ-साथ घाट क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जाना जरूरी है।
