एकलव्य स्कूल की 45 छात्राओं का पैदल मार्च: 3 महीने से बिजली गुल होने का आरोप, कलेक्टर ने दिए समाधान के निर्देश

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। स्कूल की करीब 45 छात्राएं अपनी समस्याएं लेकर अंबिकापुर कलेक्टोरेट के लिए पैदल निकल पड़ीं। छात्राएं स्कूल से करीब 30 किलोमीटर दूर कलेक्टोरेट की ओर बढ़ रही थीं। करीब 6 किलोमीटर चलने के बाद प्रशासन को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया और तत्काल बस भेजकर छात्राओं को कलेक्टोरेट लाया गया।
3 महीने से बिजली नहीं होने का आरोप
कलेक्टोरेट पहुंची छात्राओं ने हॉस्टल की व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर शिकायतें रखीं। छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल में पिछले तीन महीने से बिजली की समस्या बनी हुई है। इसके कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
छात्राओं ने मेस की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। इसके अलावा उन्होंने फिजिक्स और केमिस्ट्री की कक्षाएं नियमित नहीं लगने की शिकायत की। छात्राओं का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर पहले भी स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य से शिकायत की गई थी, लेकिन जब अपेक्षित समाधान नहीं हुआ तो उन्हें प्रशासन तक पहुंचने के लिए यह कदम उठाना पड़ा।
कलेक्टर से मिलने की मांग पर अड़ी छात्राएं
कलेक्टोरेट पहुंचने के बाद छात्राएं सीधे कलेक्टर अजीत वसंत से मुलाकात करने की मांग पर अड़ गईं। इसी दौरान थकान और तनाव के चलते एक छात्रा अचानक बेहोश होकर गिर गई। छात्रा को तत्काल एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार कराया गया।
अधिकारियों ने रास्ते में रोकने की कोशिश की
छात्राओं के पैदल मार्च की जानकारी मिलते ही आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला बैलकोटा पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया और उनकी शिकायतों पर कार्रवाई का भरोसा दिया। प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया।
कुछ शिक्षकों ने भी छात्राओं को रोकने की कोशिश की, लेकिन छात्राएं अपनी मांगों पर कायम रहीं। उन्होंने कहा कि वे किसी अन्य अधिकारी के बजाय कलेक्टर से सीधे मिलकर अपनी समस्याएं बताना चाहती हैं।
जहां शिक्षकों की ओर से छात्राओं के किसी के बहकावे में आने की बात कही गई, वहीं छात्राओं ने इससे इनकार करते हुए कहा कि वे बिना किसी दबाव के अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन के पास पहुंची हैं।
कलेक्टर ने दिए तत्काल समाधान के निर्देश
कलेक्टोरेट में छात्राओं और प्रशासन के बीच बातचीत के बाद उन्हें बस से वापस हॉस्टल भेज दिया गया। छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अजीत वसंत ने बिजली व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था करने और मेस में साफ-सफाई की व्यवस्था तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि छात्राओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। बिजली, शिक्षकों की कमी और मेस की साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाएगा।
छात्राओं के पैदल मार्च से प्रशासन में मचा हड़कंप
एकलव्य विद्यालय की छात्राओं के इस कदम ने आवासीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन ने छात्राओं की शिकायतों के समाधान के निर्देश दिए हैं और अब यह देखना होगा कि संबंधित व्यवस्थाओं में कितनी जल्दी सुधार होता है।
मुख्य बिंदु:
- शिवपुर एकलव्य आवासीय विद्यालय की 45 छात्राएं पैदल निकलीं
- करीब 6 किलोमीटर पैदल चलने के बाद प्रशासन को मिली जानकारी
- तीन महीने से हॉस्टल में बिजली नहीं होने का आरोप
- फिजिक्स और केमिस्ट्री की नियमित कक्षाएं नहीं लगने की शिकायत
- मेस की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी सवाल
- कलेक्टर से मिलने की मांग पर अड़ी छात्राएं
- एक छात्रा कलेक्टोरेट में बेहोश होकर गिरी
- कलेक्टर अजीत वसंत ने तत्काल समाधान के दिए निर्देश
