IGKV पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा: असिस्टेंट लेक्चरर समेत 6 गिरफ्तार, प्राचार्य और मास्टरमाइंड बर्खास्त

रायपुर/दुर्ग। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के पेपर लीक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दुर्ग के भारती कॉलेज के असिस्टेंट लेक्चरर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में FIR दर्ज की गई है। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कथित पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आने के बाद यह कार्रवाई की।

वहीं, मामले में भारती कॉलेज प्रबंधन ने प्राचार्य डॉ. एके दुबे को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड योगेश सोनकेसरिया को भी कॉलेज से निकाल दिया गया है।

दो परीक्षाएं हुईं रद्द

पेपर लीक के बाद 7 अगस्त को आयोजित BSc कृषि प्रथम वर्ष की प्लांट पैथोलॉजी परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। जांच में यह बात सामने आने के बाद परीक्षा निरस्त की गई कि गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर यह प्रश्नपत्र भी लीक किया था।

इससे पहले 20 अगस्त को BSc कृषि द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा भी रद्द की गई थी। अब दोनों परीक्षाएं सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएंगी।

छात्रों ने किए पेपर बेचने के गंभीर दावे

मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद कुछ कृषि छात्रों ने पेपर लीक को लेकर गंभीर दावे किए हैं। छात्रों का कहना है कि प्रश्नपत्र परीक्षा से कुछ घंटे पहले नहीं, बल्कि करीब एक दिन पहले ही कुछ छात्रों तक पहुंच जाता था।

छात्रों के मुताबिक, कथित तौर पर प्रश्नपत्र सुबह करीब 11 बजे तक PDF के रूप में उपलब्ध हो जाता था। उनका दावा है कि मामला केवल एंटोमोलॉजी के पेपर तक सीमित नहीं था, बल्कि सेमेस्टर के कई विषयों के प्रश्नपत्र भी कथित तौर पर छात्रों के बीच शेयर किए जाते थे।

5 हजार रुपए तक में बिकने का दावा

कुछ छात्रों ने दावा किया कि एक प्रश्नपत्र के लिए 1 हजार से 5 हजार रुपए तक मांगे जाते थे। कई छात्र मिलकर रकम जुटाते थे और प्रश्नपत्र की PDF खरीदने के बाद उसे WhatsApp के जरिए अन्य छात्रों तक भेजते थे।

हालांकि, छात्रों द्वारा किए गए इन दावों की पुलिस जांच में अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

भरोसेमंद छात्रों के जरिए आगे पहुंचाने का आरोप

छात्रों के अनुसार, कथित नेटवर्क में कुछ चुनिंदा और भरोसेमंद छात्रों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया जाता था। इसके बाद वे इसे दूसरे छात्रों तक पहुंचाते और बदले में पैसे लेते थे। थर्ड ईयर के प्रश्नपत्र को लेकर भी छात्रों को कथित तौर पर फोन किए जाने की बात सामने आई है।

नकल की घटना के बाद सामने आया मामला

एक छात्र ने दावा किया कि परीक्षा के दौरान एक विद्यार्थी नकल की पर्ची के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद अगले दिन होने वाले प्रश्नपत्र की कथित तस्वीर वायरल होने की बात सामने आई। तस्वीर के पीछे भारती कॉलेज की सीढ़ियां दिखाई देने का दावा किया गया, जिसके बाद कॉलेज से प्रश्नपत्र बाहर जाने की आशंका गहराई।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे पेपर लीक नेटवर्क, पैसे के लेनदेन और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितने प्रश्नपत्र लीक हुए और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।

Spread the word