शिक्षा विभागः फर्जी बी.ईडी प्रमाण पत्र के जरिए पदोन्नति का आरोप, शिकायत वापस लेने का दबाव, ओमप्रकाश पर मारपीट का प्रयास, बीआरसी रात्रे व मुकुंद पर एफआईआर दर्ज

कोरबा 24 अगस्त। जिले के शिक्षा विभाग में अलग-अलग स्तर पर भ्रष्ट कारनामों को अंजाम दिया जा रहा है। जब यह भ्रष्टाचार ऊपर आता है तो उसे उजागर न होने देने के लिए कवायदें की जाती हैं। कुछ ऐसे ही कोशिशों के बीच फर्जी तरीके से दी गई पदोन्नति के मामले में की गई शिकायत को जांच से पहले ही वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। इस दबाव के चलते एक शिक्षक सह शिक्षक नेता के साथ कोरबा के बीआरसी और एक अन्य शिक्षक के द्वारा धमकी देने और बेल्ट निकालकर मारपीट करने के प्रयास का गंभीर आरोप लगा है।
अंधरीकछार के विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (बीआरसी) अनिल रात्रे और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला आमापाली के शिक्षक मुकुंद केशव उपाध्याय के खिलाफ सिविल लाइन थाना रामपुर में अपराध दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ओम प्रकाश बघेल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़मार में व्याख्याता तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ का कार्यकारी प्रांताध्यक्ष है।
ओम प्रकाश बघेल ने अपनी शिकायत में बताया है कि उन्होंने मुकुंद केशव उपाध्याय और अनिल रात्रे के खिलाफ कूटरचना कर फर्जी तरीके से बी.ईडी प्रमाण पत्र के माध्यम से पदोन्नति सूची में नाम शामिल कराने के संबंध में शिकायत की थी। यह शिकायत मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव, संचालक डीपीआई रायपुर और संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी गई थी। इसी शिकायत को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी और बाद में उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जाने लगा।
शिकायत के मुताबिक 22 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 3 बजे बीआरसी भवन अंधरीकछार में शिक्षक संघर्ष मोर्चा की आवश्यक बैठक आयोजित की गई थी। इसमें जिले के विभिन्न शैक्षणिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य स्तरीय प्रतिनिधि के रूप में ओम प्रकाश बघेल भी मौजूद थे। बैठक में मुकुंद उपाध्याय और बीआरसी अनिल रात्रे भी उपस्थित थे। आरोप है कि बैठक समाप्त होने के बाद शाम करीब 5 से 5.30 बजे के बीच दोनों ने ओम प्रकाश बघेल पर पूर्व में की गई शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसी दौरान मुकुंद उपाध्याय ने अश्लील गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और बेल्ट निकालकर मारने का प्रयास किया।
शिकायत में बीआरसी अनिल रात्रे पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बघेल का कहना है कि अनिल रात्रे ने उनके साथ ऊंचे स्वर में विवाद करते हुए लगातार शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। इसके अलावा पूर्व में व्हाट्सएप पर कई संदेश भेजे जाने और मुकुंद उपाध्याय द्वारा किए गए कथित आपराधिक प्रयास में सहयोग करने का भी आरोप लगाया गया है।
ओम प्रकाश बघेल ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि मुकुंद उपाध्याय ने कुछ समय पहले एक अज्ञात महिला का कथित रूप से घोर आपत्तिजनक फोटो अपने स्टेटस पर लगाया था, जिसे उन्होंने शिक्षकीय गरिमा के विपरीत बताते हुए शिकायत की थी। इस शिकायत को भी मौजूदा विवाद की पृष्ठभूमि से जोड़ा गया है।
पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि उन्हें दोनों आरोपियों से भविष्य में भी मारपीट अथवा किसी आपराधिक घटना की आशंका है और वह भयाक्रांत एवं लगातार प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उनके अथवा उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए मुकुंद केशव उपाध्याय और अनिल रात्रे को जिम्मेदार माना जाए।
शिकायत के साथ कथित फर्जीवाड़े से संबंधित पूर्व शिकायत की प्रति और वॉटसॉप संदेशों की छायाप्रतियां भी संलग्न किए जाने की बात कही गई है। मामले में पुलिस ने दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 296, 351(3) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। अब पूरे विवाद की जांच में पदोन्नति से जुड़े कथित बी.ईडी प्रमाण पत्रों की शिकायत, शिकायत वापस लेने के दबाव और बैठक के बाद हुए विवाद से जुड़े आरोपों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
