खारुन नदी में बहा 45 वर्षीय ग्रामीणः दूसरे दिन झाड़ियों में मिला शव

कोरबा 20 अगस्त। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। इसी दौरान पाली थाना क्षेत्र में खारुन नदी में बहने वाले 45 वर्षीय ग्रामीण का शव दूसरे दिन बरामद किया गया। बुधवार सुबह नदी किनारे गुड़ाखू करने गए गेंदलाल का पैर फिसल गया था, जिसके बाद वह तेज बहाव में बह गए थे।
बुधवार को पुलिस और नगर सेना की गोताखोर टीम ने ग्रामीण की तलाश की, लेकिन नदी में तेज बहाव और भंवर के कारण उसका पता नहीं चल सका। गुरुवार सुबह घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों में गेंदलाल का शव फंसा मिला। मृतक की पहचान ग्राम बिजराभवनारा, बतरा पंचायत निवासी गेंदलाल (45) के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह वह खारुन नदी के किनारे गुड़ाखू करने गए थे। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वह नदी में जा गिरे। देखते ही देखते तेज बहाव उन्हें अपने साथ बहा ले गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पाली पुलिस और नगर सेना की गोताखोर टीम मौके पर पहुंची। टीम ने नदी में उतरकर गेंदलाल की तलाश शुरू की। हालांकि, नदी में तेज बहाव के साथ कई जगह भंवर बने होने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बुधवार देर शाम तक तलाश के बावजूद ग्रामीण का कोई सुराग नहीं मिला। अंधेरा होने के बाद तलाशी अभियान रोक दिया गया।
गुरुवार सुबह परिजन और ग्रामीण एक बार फिर नदी किनारे पहुंचे और गेंदलाल की तलाश शुरू की। इसी दौरान घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों में उनका शव फंसा हुआ मिला। शव मिलने की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कोरबा जिले में पिछले करीब सात दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है और कई जगह तेज बहाव की स्थिति बनी हुई है। निचले इलाकों में पानी भरने से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, खारुन नदी में इन दिनों पानी का बहाव काफी तेज है। आशंका जताई जा रही है कि गेंदलाल तेज बहाव के दौरान भंवर में फंस गए होंगे। बताया गया है कि गेंदलाल का खारुन नदी के दोनों किनारों पर आना-जाना था। नदी के ऊपर एक बांध बना हुआ है, जबकि नीचे की ओर लोगों के आने-जाने के लिए रास्ता है।
लगातार बारिश के कारण नदी का बहाव बढ़ने से यह रास्ता भी जोखिम भरा हो गया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बारिश के दौरान नदी और तेज बहाव वाले स्थानों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।
