टीआई सहित चार निलंबितः स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता पर अंकुश

कोरबा 18 अगस्त। कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे का सिद्धांत अराजकतावादियों के लिए लागू किया गया है। समसामयिक दौर में यह सबके लिए प्रासांगिक होता नजर आ रहा है। जिले में कटघोरा थाना के पूर्व निरीक्षक एम.बी. पटेल सहित चार पुलिस कर्मियों को निलंबित करने की कार्रवाई इस वर्ष के लिए चर्चित रही। स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता पर लगाम कसने के लिए इसे कड़ा संदेश कहा जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक ने कुछ थानों में फेरबदल संबंधित आदेश एक दिन पहले जारी किया। इसमें कटघोरा, दीपका और लेमरू के प्रभारियों को बदल दिया गया। करतला में भी परिवर्तन किया गया है। प्रशासनिक आधार पर बदलाव की बात कही जा रही है, जो नियम का एक हिस्सा है। इन सबसे अलग हटकर कटघोरा थाना में महज महीने भर से काम कर रहे निरीक्षक एम.बी.पटेल को निलंबित कर दिया गया। केवल वे अकेले नहीं बल्कि यहां पर सेवा दे रहे क्राइम ब्रांच के पूर्व सदस्य राम पांडेय और दो पुलिस कर्मियों को भी लपेटे में लिया गया। ये सभी निलंबित कर दिए गए। कुछ दिनों पहले ही इसी थाना के दो आरक्षकों को वसूली मामले में निलंबित किया गया था। इस तरह 60 दिन से भी कम दिन की अवधि में 6 पुलिस कर्मियों का निलंबन किसी भी थाना के लिए अपने आपमें बड़ी घटना है। जबकि दूसरे थानों और चौकियों के लिए हडकंप मचाने का बड़ा विषय।
सूत्रों के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों से रेत के दोहन और कबाड़ जब्ती के एक मामले में कार्यवाही को लेकर फिजूल के विलंब की खबर उच्चाधिकारियों तक पहुंच गई। इसका परीक्षण एसडीओपी के स्तर पर कराया गया। तथ्य सही पाए गए। एसपी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर टीआई सहित उनके तीन मातहतों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इन सभी को रिजर्व पुलिस लाइन अटैच किया गया है। वर्ष 2026 में किसी भी थाना के टीआई को निलंबित करने की यह पहली घटना है, जिसने विभाग में इस स्तर के अधिकारियों के कान खड़े कर दिए हैं।
याद रखना होगा कि औद्योगिक बाहुल्य कोरबा जिले में डीजल, कबाड़ और कोयला चोरी के मामले में बीते वर्षों में काफी गर्म रहे। इस पर अब अंकुश के साथ सख्ती की जा रही है। हालिया कार्रवाई ने कुल मिलाकर भय का माहौल बनाया है।
