कन्या छात्रावास में छात्राओं के गंभीर आरोपः एनएसयूआई ने 15 दिन का दिया अल्टीमेटम

कोरबा 16 अगस्त। जिले के पोड़ी उपरोड़ा स्थित 100 सीटर कन्या छात्रावास की छात्राओं की शिकायत के बाद एनएसयूआई की टीम छात्रावास पहुंची और छात्राओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। छात्राओं ने छात्रावास की अधीक्षिका पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। एनएसयूआई नेताओं ने शिकायतों को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
छात्राओं ने आरोप लगाया कि अधीक्षिका उनसे कथित तौर पर जबरन मालिश करवाती हैं और मना करने पर धमकी दी जाती है। छात्राओं के मुताबिक, उनसे घरेलू और निजी काम भी करवाए जाते हैं। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के साथ कथित तौर पर मानसिक दबाव बनाया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
छात्राओं ने छात्रावास में भोजन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता और खाने की गुणवत्ता भी खराब रहती है। छात्राओं का कहना है कि खाना मांगने पर कथित तौर पर अधीक्षिका द्वारा अमानवीय भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। एनएसयूआई जिला सचिव इमरान अली ने बताया कि छात्राएं पहले भी संबंधित विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर चुकी हैं और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन भी किया था। उनका आरोप है कि इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
एनएसयूआई और अन्य छात्र संगठनों ने जिला प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। इमरान अली ने कहा कि यदि इस अवधि में छात्राओं की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई और अधीक्षिका के खिलाफ कदम नहीं उठाया गया, तो 16वें दिन उग्र चक्काजाम आंदोलन किया जाएगा।
एनएसयूआई ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कार्रवाई, छात्रावास में मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने और भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके साथ ही छात्राओं की सुरक्षा के लिए निगरानी समिति गठित करने तथा अधीक्षिका को तत्काल हटाने की मांग भी की गई है। फिलहाल छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
