गाजा पर हमले नहीं रोकेगा इजरायल, ट्रंप की शांति योजना के बीच 1३ फलस्तीनियों की मौत

यरुशलम। इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह गाजा पर हमले बंद नहीं करेगा। गाजा से सेना की वापसी पर भी इजरायल ने कुछ नहीं कहा है। इसी के साथ इजरायल ने गाजा पर हमले कर 13 फलस्तीनियों को मार डाला। गाजा पर लगातार हमले तब हो रहे हैं जब अमेरिकी प्रतिनिधियों से वार्ता में हमास शर्तों के साथ हथियार छोडऩे के लिए तैयार हो गया है। इन शर्तों में गाजा से इजरायली सेना की वापसी और इजरायल के हमले रोकने की शर्तें मुख्य हैं । इजरायल ने रविवार को लगातार दूसरे दिन गाजा पर हवाई हमले किए।
इजरायल के लड़ाकू विमानों ने गाजा सिटी, खान यूनिस और दीर अल बलाह शहरों पर बमबारी की। इन हमलों में 13 लोग मारे गए और एक दर्जन से ज्यादा घायल हुए हैं।ये बमबारी शरणार्थी शिविरों, घरों और बहुमंजिली इमारत पर हुई। हमले से कुछ निर्माण ध्वस्त हो गए और उनमें आग भी लग गई। हाल के हफ्तों में इजरायल की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है।इसकी गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि यह कार्रवाई युद्धविराम के बीच और शांति योजना के द्वितीय चरण की प्रारंभिक वार्ता सफल होने के बाद हुई है। वार्ता की सफलता पर इजरायल के सबसे बड़े समर्थक देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रसन्नता जाहिर कर चुके हैं।रविवार को इजरायल के ऊर्जा मंत्री एली कोहेन ने कहा कि इजरायल हमास को हथियार डालने का मौका देना चाहता है लेकिन उसे संशय है कि फलस्तीनी संगठन ऐसा करेगा। उन्होंने साफ किया कि गाजा पर हमले रोकने के लिए इजरायल कोई समझौता नहीं करेगा।गाजा के 70 प्रतिशत भूभाग पर इस समय इजरायली सेना का नियंत्रण है, अगर हमास ने हथियार नहीं डाले तो इजरायल पूरी गाजा पट्टी पर कब्जा कर लेगा।
कोहेन ने कहा, हमने अमेरिका के साथ जिस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं उसके अनुसार हमास को अस्तित्वविहीन होना होगा।यह इजरायल की पहली शर्त है। कोहेन का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह बेंजामिन नेतन्याहू सरकार में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति के सदस्य भी हैं। हमास के हथियार डालने के लिए तैयार होने पर यह इजरायल की ओर से पहली प्रतिक्रिया है।
