पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में राहत की बजाए बिजली विभाग थमा रहा दोगुना बिल

कोरबा, 03 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को जमीनी स्तर पर विद्युत विभाग की मनमानी भारी पड़ रही है। योजना का उद्देश्य बिजली बिल कम करना, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता था, लेकिन पाली विकासखण्ड में यह योजना उल्टा पड़ गया है और सोलर पैनल लगवाने वाले उपभोक्ताओं को राहत की जगह सौर पैनल क्षमता का भी अतिरिक्त भार जोडकर दोगुना बिल थमाया जा रहा है।

पाली विकासखण्ड में अनेक घरों में 3 व 5 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल स्थापित कराए गए हैं। उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि सौर ऊर्जा से बने बिजली से उन्हें आर्थिक बचत होगी। लेकिन उपभोक्ताओं का आरोप है कि विद्युत विभाग सोलर संयंत्र की क्षमता के हिसाब से बिल में अतिरिक्त भार राशि जोड़ रहा है। यानी घर मे जितनी बिजली खर्च हो रही है, सोलर किलोवाट क्षमता दोनों को मिलाकर बिल वसूला जा रहा है। योजना के तहत घर मे सोलर लगने के बाद भी मीटर में दर्ज यूनिट और सोलर सिस्टम की संस्थापित क्षमता जैसे 3 किलोवाट को आधार मानकर बिल बनाया जा रहा है। इस वजह से उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा और घरेलू खपत दोनों का चार्ज देना पड़ रहा है। ऐसे में जिस योजना से बचत होनी थी, उसी से आर्थिक बोझ बढ़ गया है। बचत के पहले अतिरिक्त भार को लेकर उपभोक्ताओं का कहना है कि हमने पर्यावरण और बचत के लिए सोलर लगवाया लेकिन विद्युत विभाग की गलत बिलिंग के कारण अब लोग योजना से मुंह मोड़ रहे हैं। पहले हमारा बिल 250 से 300 रुपये आता था, सोलर लगवाने के बाद अब 700- 800 रुपये का बिल आ रहा है।

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