पत्तेदार सब्जियों से श्रावण मास में बनाएं दूरीः डॉ. नागेंद्र

कोरबा 02 अगस्त। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने कहा कि श्रावण मास में पाचन शक्ति कमजोर होने का संदर्भ देते हुए लोगों को सलाह दिए कि उन्हें पत्ते वाली सब्जियों के उपयोग से बचना चाहिए।
श्रावण मास में हरीतकी हरड़ का सेवन विशेष रूप से लाभकारी माना गया है। यह वात दोष को संतुलित कर पाचन शक्ति को मजबूत करने में सहायक होती है। जनसाधारण को सलाह दी गई है कि इस महीने आयुर्वेद के सिद्धांतों के हिसाब से पुराने अनाज, मूंग, खिचड़ी, लौकी, परवल, तरोई, अदरक, जीरा, मैथी और लहसुन जैसे हल्के एवं सुपाच्य खाद्य पदार्थों का सेवन करना बेहतर होगा। बारिश के मौसम में पत्तेदार सब्जियां, बैंगन, मशरूम, उड़द, मसूर, चना, मटर, आलू, कटहल, अरबी, दूध, दही तथा बासी भोजन से परहेज करें, क्योंकि इनसे संक्रमण और पाचन संबंधी समस्याओं की आशंका बढ़ जाती है। हर हाल में उबले हुए पानी का उपयोग करने की आदत लोग डालें, इससे कई बीमारियों से बच सकेंगे।
जिला आयुष संगठन के अध्यक्ष डॉ नागेंद्र यह भी कहा कि योग और आयुर्वेद को अपने वह योग प्राणायाम पर ध्यान देने से जीवन व्यवहार भी अच्छा होगा। श्रावण मास में स्वच्छ एवं सूखे वस्त्र पहनना, भीगने से बचना, साफ-सफाई बनाए रखना तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाना आवश्यक है। दिन में सोना, अत्यधिक परिश्रम, रात्रि जागरण, खुले में सोना और गंदे या अज्ञात जलाशयों में स्नान करने से भी बचना जरूरी है।
