सार्वजनिक जमीन पर कथित अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, नगर निगम ने JCB से ढहाया निर्माण; महिला ने जताई आपत्ति

कोरबा। नगर निगम के वार्ड क्रमांक-9 स्थित इमली डुग्गू के पोखरी पारा में कथित अवैध निर्माण के खिलाफ जिला प्रशासन और नगर निगम ने कार्रवाई की। प्रशासन की टीम ने JCB की मदद से निर्माण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान कोतवाली पुलिस की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित महिला को निर्माण रोकने के लिए पहले ही नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
सार्वजनिक भूमि पर कब्जे की शिकायत
पूर्व वार्ड पार्षद सुफल दास ने बताया कि छठघाट के पास स्थित सार्वजनिक भूमि पर कथित कब्जे को लेकर जिला प्रशासन से शिकायत की गई थी। शिकायत की जांच के दौरान मामला सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने निर्माण हटाने का निर्णय लिया।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, जिस स्थान पर निर्माण किया जा रहा था, वहां स्थित पोखरी में हर साल छठ पूजा समेत अन्य धार्मिक आयोजन होते हैं। आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का हवाला देकर सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था।
पुलिस की मौजूदगी में चला तोड़ू दस्ता
नगर निगम के तोड़ू दस्ता प्रभारी विकास दुबे के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए कोतवाली पुलिस की मौजूदगी में निर्माण हटाया गया। कार्रवाई के बाद संबंधित भूमि को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया।
महिला ने कार्रवाई पर जताई आपत्ति
वहीं, जिस महिला के निर्माण पर कार्रवाई की गई, उसने प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। महिला का कहना है कि वह करीब 10 वर्षों से इसी स्थान पर रह रही है।
महिला के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसका आवास स्वीकृत हुआ था, जिसके बाद वह मकान का निर्माण करा रही थी। उसका दावा है कि उसे करीब 12 फीट जगह में एक कमरा बनाने की मौखिक अनुमति मिली थी। इसके बावजूद प्रशासन ने निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने का दावा
नगर निगम और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे या बिना अनुमति निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में भी ऐसे मामलों की शिकायत मिलने पर जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर प्रशासन और महिला के दावों में अंतर सामने आया है। मामले में भूमि के स्वामित्व, निर्माण की अनुमति और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति जांच के बाद पूरी तरह स्पष्ट होगी।
