विधवा मां को मिला नया जीवन, टीम चरक ने निभाई अभिभावक की भूमिका

सामाजिक सरोकार से जुड़े इस प्रयास की क्षेत्र में सराहना
कोरबा 18 जुलाई। सामाजिक उत्तरदायित्व का उदाहरण पेश करते हुए टीम चरक धर्म संवाहक एवं मातृ शक्ति ने एक निर्धन विधवा महिला का पुनर्विवाह कराकर उसे नया जीवन दिया। संगठन के सदस्यों ने केवल विवाह की व्यवस्था ही नहीं की, बल्कि पूरे आयोजन में अभिभावक की भूमिका निभाते हुए भारतीय परंपरा के अनुसार सभी रस्में संपन्न कराईं।
राजीव नगर झाबर निवासी सोनी देवी पति के निधन के बाद अपने छोटे पुत्र के साथ बहनों के घर रहकर जीवनयापन कर रही थीं। माता-पिता का भी साया नहीं होने से उनका जीवन कठिन परिस्थितियों में गुजर रहा था। इस स्थिति को देखते हुए टीम चरक धर्म संवाहक एवं मातृ शक्ति ने पहल की और दोनों पक्षों की सहमति से स्थानीय झाबर निवासी गणेश सिंह के साथ बातचीत कर उनके पुनर्विवाह की प्रक्रिया पूरी कराई।
विवाह से पूर्व दोनों पक्षों ने न्यायालय के समक्ष नोटरी की औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद सर्वमंगला मंदिर में पंडित की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार और भारतीय रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न कराया गया। आयोजन में टीम चरक के सदस्यों ने स्वयं आर्थिक सहयोग कर नवदंपती को आवश्यक सामग्री भेंट की तथा सुखद वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में मातृ शक्ति की ओर से उमा जायसवाल, शिवकुमारी यादव, प्रियांशु देवी, श्यामसुंदरी, इन्द्राणी साहू, चमेली राजपूत, सुमित्रा देवी, वृंदा महंत, बृहस्पति देवी, शिखा सोनी, समरीन महंत, रविवारी, महिमा, नीलम राय, जाम बाई, तारा बाई और रेखा सहित अनेक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। वहीं संस्थापक सदस्य सत्यप्रकाश मिश्रा, मृणाल रॉय, संदीप गायकवाड़ (पुणे), प्रशांत मिश्रा, अमित गुप्ता, टिकेंद्र सिंह, जयतन महंत, दुर्गा स्वर्णकार, कार्तिक राम श्रीवास, लक्ष्मण वैष्णव, अरुण शुक्ला, संदीप शुक्ला, दुर्गेश क्षत्रिय, गणेश राम साहू, गौतम पाटिल सहित बड़ी संख्या में टीम चरक धर्म संवाहक के सदस्य उपस्थित रहे। सामाजिक सरोकार से जुड़े इस प्रयास की क्षेत्र में सराहना की जा रही है, जहां एक जरूरतमंद महिला और उसके पुत्र को नया पारिवारिक सहारा मिला।
