रायपुर: जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के तीन नेताओं को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, नियमित जमानत मंजूर

रायपुर। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (JCP) के प्रमुख नेताओं अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा को देश की सर्वोच्च अदालत से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने तीनों नेताओं की नियमित जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है।
तीनों नेताओं की गिरफ्तारी रायपुर के वीआईपी चौक स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा से जुड़े विवाद के बाद हुई थी। अब सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें कानूनी राहत मिल गई है।
क्या है पूरा मामला?
26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के VIP चौक स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। घटना की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।
बाद में प्रशासन ने प्रतिमा को दोबारा स्थापित कराया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
मूर्ति तोड़ने वाला आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी कथित रूप से नशे की हालत में था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार है और उसका इलाज सेंदरी तथा रांची में चल चुका है।
सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत
मामले में गिरफ्तार जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेताओं ने नियमित जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। शीर्ष अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तीनों नेताओं की जमानत याचिका स्वीकार कर ली और उन्हें रिहा करने का आदेश जारी किया। हालांकि, मामले की सुनवाई निचली अदालत में कानून के अनुसार आगे भी जारी रहेगी।
