कटघोरा वनमण्डल में लाख पालन की तैयारी में कृषक

कोरबा 16 जुलाई। कोरबा जिला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। लाख पालन आदिवासी एवं वनवासियों की आजीविका का एक प्रमुख साधन है। वनमंडल कटघोरा के कार्यक्षेत्र कटघोरा एतमानगर व पाली परिक्षेत्र के अंतर्गत लाख पालन हेतु उपयुक्त वृक्ष कुसुम प्रचुर मात्रा में विद्यमान है।

यह जानकारी देते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं वनमंत्री के निर्देशानुसार वर्ष 2025-26 सीजन के जनवरी, फरवरी माह में लाख पालन परियोजना अंतर्गत वनमंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक जिला वनोपज यूनियन कटघोरा कुमार निशांत के निर्देश के तहत हाथी प्रभावित क्षेत्र पाथा एवं छिंदमेर के 25 कृषकों के कुल 56 कुसुम एवं बेर वृक्षों में दो क्विंटल कुसुमी बीहन लाख संचलन किया गया था। जिससे लगभग 8-10 क्विंटल लाख उत्पादन होने की संभावना वर्तमान सीजन जून-जुलाई में कुसुम एवं बेर वृक्षों में बीहन संचलन हेतु लाख की कटाई कर कार्य प्रगति पर है जिससे कृषकों को उक्त लाख विक्रय करने पर लगभग 10 लाख रुपए आय अर्जित होगा। लाख की अच्छी पैदावार होने से पाथा एवं छिंदमेर के लाख पालक कृषक बेहद उत्साहित हैं और कृषकों द्वारा आगामी सीजन से अधिक मात्रा में पालन करने हेतु तैयारी की जा रही है

बाजार में है काफी मांग
लाख लैस्सी फेरा नैक्का नामक वृक्ष से उत्पादित होने वाली एक प्राकृतिक राल है। जिसका उपयोग विद्युत कुचालक वार्निस फलों एवं दवाओं पर कोटिंग, पॉलिश, सजावट की वस्तुएं, रंगाई, सील, श्रृंगार के प्रसाधन इत्यादि में किया जाता है। बाजार में इसकी काफी मांग है। अतः आसानी से बिक्री भी हो जाता है। इसकी कीमत भी महंगी है।

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