सजग कोरबा सतर्क कोरबा अभियानः त्वरित कार्रवाई से बचे 6 लाख, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की राशि सुरक्षित होल्ड ,राशि वापसी की प्रक्रिया प्रारंभ

कोरबा 14 जुलाई। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर नोडल) नीतीश कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के अंतर्गत साइबर अपराधों की रोकथाम, जन-जागरूकता तथा ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में लगातार प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में प्रार्थी राहुल रात्रे के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की घटना घटित हुई, जिसमें अज्ञात अनावेदक द्वारा छलपूर्वक प्रार्थी से 6,00,000 (छः लाख रुपये) अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए गए। घटना के तत्काल बाद प्रार्थी द्वारा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत प्राप्त होते ही साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए छब्त्च् पोर्टल के माध्यम से संबंधित बैंक खातों में उपलब्ध राशि को तत्काल होल्ड (क्मइपज थ्तमम्रम) कराया गया, जिससे धोखाधड़ी की राशि सुरक्षित हो गई। फिल्मसूचियां और थिएटर शो का समय वर्तमान में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए होल्ड की गई राशि को प्रार्थी के बैंक खाते में वापस दिलाने की प्रक्रिया की जा रही है।
यदि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, जैसे फर्जी निवेश, डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई फ्रॉड, ओटीपी फ्रॉड, केवाईसी अपडेट, लोन फ्रॉड, सोशल मीडिया फ्रॉड अथवा किसी अन्य साइबर अपराध का शिकार होते हैं, तो बिल्कुल भी विलंब न करें।
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत कॉल करें।
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर तत्काल ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
अपने निकटतम पुलिस थाना अथवा साइबर पुलिस थाना में तुरंत सूचना दें।
जितनी शीघ्र शिकायत दर्ज होगी, ठगी गई राशि को सुरक्षित होल्ड कर वापस दिलाए जाने की संभावना उतनी अधिक होगी।
“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। किसी भी ऑनलाइन लेन-देन से पहले पूरी सावधानी बरतें। किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते में राशि ट्रांसफर न करें तथा ओटीपी, बैंक खाता विवरण, एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी, सीवीवी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें अथवा एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। आपकी त्वरित शिकायत आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है।”
