*जिले में “विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन” का शुभारंभ*

*वीबी जी-रामजी गांवों के समग्र विकास को गति देने वाला ऐतिहासिक कदम-डॉ. पवन कुमार सिंह*
*ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिनों का गारंटीशुदा रोजगार*
*तिरुपति (आंध्र प्रदेश) से राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़ा कोरबा जिला*
*जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित हुआ जिला स्तरीय शुभारंभ समारोह*
कोरबा, 3 जुलाई 2026/ जिले में “विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (जी-रामजी)” के शुभारंभ के अवसर पर जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान तिरुपति (आंध्र प्रदेश) से केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुभारंभ किए गए राष्ट्रीय कार्यक्रम का वर्चुअल प्रसारण जिला एवं जनपद पंचायतों में देखा गया।

जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.पवन कुमार सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा श्री दिनेश कुमार नाग, उपसंचालक पंचायत श्री मिथलेश किसान,जनप्रतिनिधि, योजना के हितग्राही, महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में डॉ. पवन कुमार सिंह ने कहा कि विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (जी-रामजी) विकसित भारत–2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीण परिवार को अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का मांग आधारित गारंटीशुदा रोजगार मिलेगा। साथ ही छत्तीसगढ़ में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी दर 262 से बढ़ाकर 300 प्रतिदिन कर दी गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।
उन्होंने कहा कि मनरेगा से विकसित भारत जी-रामजी तक की यह यात्रा ग्रामीण विकास की नई दिशा तय करती है। योजनाएं तभी सफल होती हैं जब उनका प्रभावी क्रियान्वयन हो। सभी ग्राम पंचायतों में गुणवत्तापूर्ण कार्य कर जिले को आदर्श जिला बनाने तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का सामूहिक प्रयास किया जाना चाहिए।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि योजना के अंतर्गत मजदूरी का भुगतान सात दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा तथा रोजगार की मांग प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर कार्य उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-रामजी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, रोजगार के अवसरों का विस्तार करने तथा गांवों के समग्र एवं सतत विकास को नई गति देने वाला ऐतिहासिक अभियान सिद्ध होगा।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश कुमार नाग ने योजना की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन तथा कौशल विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, ई-केवाईसी एवं बायोमेट्रिक प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।
