जेबीसीसीआई-12 कब, गठन की मांग को लेकर संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने बनाया दबाव

एसईसीएल के सभी क्षेत्रों में हुआ प्रदर्शन

कोरबा 01 जुलाई। औद्योगिक जिले कोरबा में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के चारों क्षेत्रीय मुख्यालयों और परियोजनाओं में ट्रेड यूनियनों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने जेबीसीसीआई-12 के गठन का रास्ता साफ करने की मांग की। इसके लिए कोल इंडिया पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। नियमतः यह काम पहले हो जाना चाहिए था। यूनियनों का कहना है कि जेबीसीसीआई गठन के बाद ही नए वेतन समझौते से लेकर कर्मचारी कल्याण सहित अन्य मसलों पर मसौदा बन सकेगा।

आज कोरबा जिले के कोरबा, कुसमुंडा, गेवरा और दीपका क्षेत्र के साथ-साथ इनके अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं में एटक, इंटक, सीटू और एचएमएस ने प्रदर्शन किया। उन्होंने इसे मांग दिवस का नाम दिया। संबंधित संगठनों के प्रतिनिधि इस दौरान मौजूद रहे। उन्होंने नारेबाजी के साथ अपनी मांग दोहराई। इसके जरिए एसईसीएल सहित कोल इंडिया पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया कि कोयला कामगारों के हित में जो जरूरी है उस पर काम किया जाए। बताया गया कि कोल इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनियों के लाखों कर्मचारियों के लिए 30 जून को राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता यानि एनसीडब्ल्यूए-11 की अवधि समाप्त हो गई है। अब कर्मचारियों और ट्रेड यूनियनों की नजर नए वेतन समझौते के लिए जेबीसीसीआई-12 के गठन पर टिकी है। इससे पहले ही जेबीसीसीआई-12 के गठन की मांग को लेकर भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ ने अलग से 25 से 30 जून तक आंदोलन चलाया। फिलहाल जेबीसीसीआई-12 के गठन को लेकर प्रबंधन या कोल इंडिया की ओर से कोई औपचारिक तिथि की घोषणा नहीं की गई है और न ही यह बताया है कि इस काम को कब तक अंजाम देंगे।

कामगारों के हित के लिए जरूरी
जेबीसीसीआई-12 का गठन इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें नामित होने वाले सदस्यों की उपस्थिति में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर तय करेगा कि नए वेतन समझौते से लेकर कर्मचारियों के व्यापक हितों के संबंध में क्या कुछ नई चीज शामिल की जाए। व्यवस्थागत परिवर्तन भी इसमें एक बिंदु होता है। यह काम जल्द हो, इसलिए इंटक सहित अन्य यूनियनों ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शन किया।
-गोपाल नारायण सिंह, केंद्रीय अध्यक्ष एसईकेएमसी

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