होर्मुज जलमार्ग पर कंट्रोल को लेकर अमेरिका ने शुरू की सैन्य कार्रवाई, ईरान का जवाबी हमला

तेहरान/वाशिंगटन, अमरीका-ईरान के बीच युद्धविराम के बावजूद अब होर्मुज जलमार्ग पर कंट्रोल को लेकर सैन्य कार्रवाई शुरू हो गई है। शनिवार देर रात अमरीका ने दोबारा ईरान के तटीय इलाकों में स्थित 10 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। साथ ही अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि ऐसा लगता है कि वे कभी नहीं सीखेंगे।
ट्रंप ने ईरान के अस्तित्व को खत्म करने की भी धमकी दी है। हालांकि उसके बाद ईरान ने कुवैत-बहरीन समेत क्षेत्र में मौजूद कई अमरीकी ठिकानों पर बड़े मिसाइल व ड्रोन हमले किए। इस बीच बहरीन ने ईरान पर एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि मौजूदा सैन्य गतिविधियों के कारण होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना संभव नहीं होगा। होर्मुज जलमार्ग के प्रबंधन की जिम्मेदारी केवल ईरान के पास है। आईआरजीसी ने भी धमकी दी है कि युद्ध विराम का उल्लंघन करने पर अमरीका और उसके सहयोगियों को करारा जवाब दिया जाएगा।
‘तुर्किए मॉडल’ की फिराक में ईरान
ईरान ओमान तट के पास जलमार्ग के विस्तार से नाराज है। इसी कारण कई कर्मशियल जहाजों पर हमले किए। ईरान इस जलमार्ग से टोल वसूलना चाहता है, जिसे अमरीका ने खारिज किया है। ईरान होर्मुज के मुद्दे पर लगातार ओमान से बात कर रहा है। तेहरान की टोल से प्रतिवर्ष 40 अरब डॉलर तक कमाने की योजना है। ईरानी अधिकारी तुर्किए के डार्डानेल्स स्ट्रेट के प्रबंधन मॉडल को देख रहे हैं। 1936 के मोंट्रो कन्वेंशन के तहत तुर्किए इस जलमार्ग में जहाजों से लाइटहाउस, बचाव अभियान व स्वच्छता सेवा की फीस लेता है। एमओयू में भी भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन का जिक्र है।
हथियार छोड़ना मुश्किलः हिजबुल्लाह प्रमुख
हिजबुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम ने इजराइल लेबनान के बीच हुए समझौते की आलोचना की है। समझौते में इजराइली सेना की द. लेबनान से वापसी को हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण से जोड़ा गया है। हिजबुल्लाह ने इसे खारिज किया है। कासिम ने कहा कि उनका संगठन तब तक लड़ाई जारी रखेगा, जब तक इजराइल लेबनान छोड़ने पर मजबूर न हो जाए।
होर्मुज को खुला रखना संभव नहीं
मौजूदा सैन्य गतिविधियों के कारण होर्मुज को खुला रखना संभव नहीं होगा। होर्मुज जलमार्ग के प्रबंधन की जिम्मेदारी केवल ईरान के पास है।
अब्बास अराघची
ईरानी विदेशमंत्री
खामेनेई ने की मुकदमा चलाने की मांग
ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतया खामेनेई ने अमरीका और इजराइल के नेताओं पर कथित युद्ध अपराधों के लिए मुकदमा चलाने की मांग की है। एक्स हैंडल पर जारी बयान में उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 के दौरान ईरान के खिलाफ हुए कथित अपराधों के लिए न्याय सुनिश्चित करना देश के सबसे अहम कानूनी और न्यायिक मुद्दों में से एक है। उन्होंने आरोप लगाया कि संघर्ष के दौरान नागरिकों, बच्चों और चिकित्सा केंद्रों को निशाना बनाया गया, जिससे लोगों को शारीरिक और मानसिक नुकसान पहुंचा। खामेनेई ने अपने पिता की हत्या का भी उल्लेख करते हुए इसे उन हजारों मामलों में शामिल बताया, जिनकी जांच और कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संबंधित मामलों की जांच सक्षम अधिकारियों को सौंप दी गई है।
जीसीसी ने ईरानी हमलों की निंदा की
खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ने बहरीन और कुवैत पर हुए हमलों की निंदा की है। जीसीसी ने कहा कि ये ‘विश्वासघाती हमले’ दोनों देशों के नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
