नकली पुलिसकर्मी बनकर बुजुर्ग से ठगीः गांजा रखने का डर दिखाकर उतरवाए सोने के गहने, पन्नी में थमा दिए नकली जेवर

कोरबा 11 अगस्त। छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के निहारिका इलाके में नकली पुलिसकर्मी बनकर बुजुर्ग से ठगी करने का मामला सामने आया है। बाइक सवार दो युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक बुजुर्ग को गांजा रखने की बात कहकर डराया। इसके बाद जांच के नाम पर उनके सोने के गहने उतरवा लिए और असली गहनों की जगह नकली जेवर पन्नी में रखकर थमा दिए। वारदात के बाद दोनों आरोपी बाइक से फरार हो गए।
शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने के साथ आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है।
पीड़ित की पहचान खरमोरा निवासी सेवानिवृत्त कर्मचारी समीर चट्टोपाध्याय के रूप में हुई है। पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, वे बाइक से निहारिका क्षेत्र में नारियल पानी पीने गए थे। वहां से घर लौटते समय बाइक सवार दो अज्ञात युवकों ने उनका पीछा किया। कुछ दूरी आगे जाकर दोनों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि वे काफी देर से उन पर नजर रख रहे हैं और इलाके में पुलिस की रेड चल रही है।
आरोपियों ने बुजुर्ग से कहा कि उनके पास गांजा होने की सूचना मिली है। पुलिस का नाम सुनकर पीड़ित घबरा गए। इसी दौरान आरोपियों ने उनसे एक कागज पर हस्ताक्षर भी करवाए। बताया जा रहा है कि हस्ताक्षर कराने के बहाने एक आरोपी ने बुजुर्ग के गले से सोने की चेन और हाथ से अंगूठी उतरवा ली। इसके बाद आरोपियों ने गहनों को एक पन्नी में रखने का दिखावा किया और दूसरी पन्नी बुजुर्ग को थमा दी। पीड़ित को उस समय भरोसा था कि उनके असली गहने सुरक्षित रख दिए गए हैं।
बुजुर्ग जब घर पहुंचे और पन्नी खोलकर देखी तो उनके होश उड़ गए। पन्नी में सोने की चेन और अंगूठी की जगह नकली गहने रखे हुए थे। ठगी का एहसास होते ही उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि घटना निहारिका क्षेत्र में हुई है। शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी बाइक से आए थे। पुलिस टीम आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। बाइक के नंबर और आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इसके अलावा संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस को आशंका है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी किसी शातिर ठग गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। इस तरह की घटनाओं में आरोपी पुलिसकर्मी बनकर लोगों को जांच या कार्रवाई का डर दिखाते हैं और इसी बहाने उनके कीमती सामान अपने कब्जे में ले लेते हैं। फिलहाल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों और आरोपियों के संभावित नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।
