रायपुर की कंपनी पर अमेरिका का बड़ा एक्शन: SBL एनर्जी, CEO समेत 8 पर प्रतिबंध, सूडान को विस्फोटक सप्लाई का आरोप

० 200 से ज्यादा खेप भेजने का अमेरिकी दावा, कंपनी ने आरोपों को बताया निराधार; कहा- हम सैन्य उपकरण नहीं बनाते
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित SBL एनर्जी लिमिटेड (पूर्व नाम अमीन एक्सप्लोसिव) पर अमेरिका ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी, उसके सीईओ आलोक चौधरी समेत आठ व्यक्तियों और संस्थाओं पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिका का आरोप है कि कंपनी ने सूडान में चल रहे गृहयुद्ध के दौरान वहां की सेना तक विस्फोटक सामग्री पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह संभवतः पहला मौका है जब किसी रायपुर स्थित कंपनी पर अमेरिका ने सीधे इस तरह की सख्त कार्रवाई की है।
अमेरिकी वित्त विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) के मुताबिक, SBL एनर्जी ने सूडान की टार्गेट मल्टी एक्टिविटीज कंपनी (TMAC) को विस्फोटक और उससे जुड़ी सामग्रियों की 200 से अधिक खेप भेजीं। अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि इनका इस्तेमाल सूडानी सेना (SAF) के हथियार भंडार को बनाए रखने में किया गया, जिससे गृहयुद्ध और मानवीय संकट और गहरा हुआ।
अमेरिका ने लगाए सख्त आर्थिक प्रतिबंध
प्रतिबंध लागू होने के बाद कंपनी और उससे जुड़े लोगों की अमेरिका में मौजूद या अमेरिकी नागरिकों एवं संस्थाओं के नियंत्रण वाली सभी संपत्तियां और बैंक खाते फ्रीज कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही कोई भी अमेरिकी नागरिक, बैंक या कंपनी अब इनसे किसी भी प्रकार का व्यापारिक या वित्तीय लेनदेन नहीं कर सकेगी।
कंपनी ने आरोपों को बताया पूरी तरह निराधार
अमेरिकी कार्रवाई के बाद SBL एनर्जी लिमिटेड ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि वह किसी भी प्रकार के हथियार या रक्षा उपकरणों का निर्माण नहीं करती और उसका कारोबार पूरी तरह वैध औद्योगिक विस्फोटक उत्पादों तक सीमित है।
कंपनी प्रबंधन ने कहा कि वह अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य अमेरिकी ट्रेजरी विभाग को सौंपेगा, ताकि लगाए गए प्रतिबंधों को हटाया जा सके।
जांच के दायरे में पूरा नेटवर्क
अमेरिकी एजेंसियों का आरोप है कि प्रतिबंधित नेटवर्क ने सूडान की सेना (SAF) और अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (RSF) तक विस्फोटक सामग्री पहुंचाकर संघर्ष को और बढ़ावा दिया। हालांकि, कंपनी ने इन सभी आरोपों को तथ्यहीन बताते हुए कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन करती है।
अब इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगाहें टिकी हैं, क्योंकि कंपनी के जवाब और अमेरिकी एजेंसियों की आगे की कार्रवाई इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगी।
