शांति समझौता होने के 10 दिन बाद ही भिड़ गए अमरीका – ईरान, एक दूसरे पर फिर से हमले किए

तेहरान/वाशिंगटन. शांति समझौता होने के 10 दिन बाद ईरान-अमरीका फिर भिड़ गए। होर्मुज स्ट्रेट में ओमान की तरफ से गुजर रहे जहाज पर ईरानी हमले के बाद शनिवार को अमरीकी सेना ने ईरान के तटीय इलाकों में ड्रोन, मिसाइल ठिकानों व रडार साइट्स को निशाना बना कर हमले किए।
अमरीकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि विवाद सुलझाने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए, लेकिन अगर हिंसा करोगे तो जवाब हिंसा से ही मिलेगा। इस कार्रवाई के जवाब में ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमरीकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। बहरीन ने ईरान पर ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया है।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमरीकी हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे यूएन चार्टर का उल्लंघन बताया। इस बढ़ते तनाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने होर्मुज के पास से नाविकों व जहाजों को सुरक्षित निकालने का अपना अभियान रोक दिया है।
युद्धविराम तोड़ा तो नतीजे भुगतने होंगे
अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने युद्धविराम के उल्लंघन पर कहा कि इसके क्या नतीजे होंगे, यह जल्द पता चलेगा। ऐसी गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि यह अमरीका के पछतावे का कारण बनेगा।
डील के विरोध में लेबनान में प्रदर्शन
इजरायल-समझौते के खिलाफ लेबनान की राजधानी बेरुत में हिजबुल्लाह समर्थकों ने प्रदर्शन किया। लेबनानी सशस्त्र बलों को सड़कों पर उतरना पड़ा। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि सेना की वापसी इस बात पर निर्भर करेगी कि हिजबुल्लाह हथियार छोड़ता है या नहीं।
