बांगो बांध में जल भराव अब तक शुरू नहीं- घट रहा 1 सेमी जलस्तर

कोरबा 27 जून। प्रदेश के सबसे बड़े बांध बांगो में पहली बार जून में जल भराव शुरू नहीं हुआ है। अभी बांध में 55.50 प्रतिशत जल का भराव है, जो कि पिछले साल से दोगुना है। हाइडल पावर प्लांट को 3 घंटे चलाने से रोज 1 सेंटीमीटर तक जल स्तर कम हो रहा है।
गुरुवार को जल स्तर 351.24 मीटर और जल का भराव 1606.56 मिलियन घन मीटर दर्ज किया गया है। बांगो बांध का निर्माण 1992 में पूरा हुआ। 34 साल में बांध का जलस्तर जून में ही बढने लगता था।
पिछले साल 11 सेंटीमीटर जल स्तर बढ़ चुका था, पर इस बार मानसून में देरी से 25 दिन बाद भी भराव शुरू नहीं हुआ है। बांध की क्षमता 359.66 मीटर है। भराव 2894.33 मिलियन घन मीटर रहता है। सिंचाई और उद्योगों के लिए जल रिजर्व है। बांध का भराव कोरिया और पड़ोसी जिलों की बारिश पर निर्भर है। मानसून अगर भटक जाए, तो बांध में इतना पानी रहता है कि खरीफ के लिए कमी नहीं होती है। बांध से अब हर साल रबी फसल के साथ तालाबों को भरने पानी दिया जाता है। इस साल भी दांयीं तट नहर से रबी की सिंचाई के लिए अप्रैल तक पानी छोड़ा गया। बांयी तट नहर की मरम्मत से रबी के लिए पानी नहीं दिया गया। पिछले वर्ष जल भराव 26 प्रतिशत तक पहुंच गया था। इससे चिंता बढ़ी थी। इस साल बांध में पर्याप्त जल है। अभी 24 घंटे में जल की आवक 0.37 मिलियन घन मीटर है। दूसरी ओर 1.68 मिलियन घन मीटर जल हाइडल प्लांट के माध्यम से छोड़ा जा रहा है।
हसदेव बांगो परियोजना के ईई एस.के. भारती ने जानकारी देते हुए बताया की ‘बांगो बांध का कैचमेंट एरिया कोरिया जिला है। यहां बारिश होने पर जल स्तर तेजी से बढ़ता है। पहली बार जल स्तर नहीं बढ़ा है। इसके बाद भी जल की कमी नहीं होगी। पिछले साल से 8 मीटर जल का भराव अधिक है। बांगो बांध से खरीफ में सिंचाई क्षमता 2 लाख 47400 हेक्टेयर और रबी फसल में 1 लाख 27500 हेक्टेयर है। हालांकि क्षमता के अनुसार किसान फसल नहीं लेते कई क्षेत्रों में नहर भी नहीं बन पाई है। इसके कारण ही 25 से 30 हेक्टेयर कम में ही सिंचाई हो रही है। इस बार सिंचाई के लिए 5 जुलाई से जल देने का निर्णय लिया गया है। बांध में गर्मी के समय हर साल वाष्पीकरण होता है। इससे बांध के जलस्तर में एक से डेढ़ मीटर तक जल की कमी आती है। हर साल विभाग जलस्तर का आंकलन गर्मी में करता है। गर्मी में बारिश भी होती है। इसकी वजह से कई बार कम गिरावट आती है। इस बार बारिश नहीं होने से गिरावट जारी है।
