वेनेजुएला में भूकंप से भारी तबाही, भारत ने एंबुलेंस भेजी, अस्पताल बनाएगा; अमेरिका ने भी अक्टूबर तक के लिए आर्थिक प्रतिबंध हटाया

कराकास। वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही हुई है। करीब 40 हजार लोग लापता है। मृतकों की संख्या बढ़कर 589 और घायलों की तीन हजार के पार है। लापता लोगों को मलबे में ढूंढने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया गया है। ला गुएरा में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने इसे आपदा क्षेत्र घोषित कर दिया है। इस बीच अमरीका ने राहत कार्यों में मदद के लिए वेनेजुएला पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों को 23 अक्टूबर तक के लिए हटा दिया है।
भारत ने एंबुलेंस भेजीं, अस्पताल बनाएगा
भारत ने राहत के लिए ऑपरेशन अमिस्ताद शुरू किया है। शुक्रवार को वायुसेना के दो सी-17 ग्लोबमास्टर विमानों से भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट 35 टन राहत सामग्री व चिकित्सा उपकरणों के साथ वेनेजुएला रवाना हो गई। इमरजेंसी उपचार के लिए भारत में विकसित भीष्म क्यूब भी भेजा गया है।

मलबे में दबी महिला ने बच्चे को दिया जन्म
राजधानी कराकास में बिल्डिंग ढहने से मलबे में फंसी प्रसूता और उसके बच्चे को राहत कर्मियों ने बचाया। इस नजारे को देख वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गई। मलबे में फंसी प्रसूता को लेबर पेन हो रहा था। उसी हालत में उसने बच्चे को जन्म दिया। दोनों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा गया।
आपको बता दें कि वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। बुधवार शाम आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के लगातार झटकों को पिछले 120 से अधिक वर्षों की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में माना जा रहा है। भूकंप का केंद्र राजधानी काराकास से करीब 168 किलोमीटर दूर मोरोन इलाके के पास बताया गया है।
भूकंप के बाद राजधानी और आसपास के कई इलाकों में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, कई जगह ढहने की घटनाएं सामने आईं और सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
