रिश्तों से बढकर मानवताः एचपीसीएल कर्मचारी और लोगों ने मिलकर बसाया दो जिंदगियों का घर

कोरबा 24 जून। सामाजिक सहभागिता से असंभव लगने वाले काम भी संभव हो जाते हैं कोरबा जिले के पूर्वांचल गेवरा में एचपीसीएल कर्मचारी और कुछ लोगों ने अनाथ युवक की नई जिंदगी शुरू कराई। बिहार की आर्थिक रूप से कमजोर युवती से उसका विवाह संपन्न कर दिया गया। लोगों ने आगे आकर पूरा इंतजाम किया और इतने उपहार दिए की हर कोई दंग रह गया।

कोरबा जिले में अपने तरह का यह बिल्कुल अलग मामला रहा। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की नवमी को उड़ीसा के युवक रंजीत राउत और बिहार की युवती सोनी कुमारी का विवाह स्नेह मिलन भवन प्रगति नगर में धूमधाम से संपन्न हुआ। इससे पहले विवाह की सभी प्रथाएं पूरी की गई। इसमें भी मातृशक्ति सहित अन्य अपनी भूमिका निभाई। फिल्मी स्टोरी तो नहीं लेकिन उससे भी कुछ कम नहीं था यह मामला।

बताया गया कि उड़ीसा निवासी युवक के पिता विकर्तन राउत की बहुत वर्ष पहले मौत हो गई। वह कई साल तक अपनी बुआ के पास रहाबाद में आर्थिक कर्म से उसे सौतेली मां के पास भेज दिया गया वहां पर प्रताडना का दौर शुरू हो गया तो फिर कुछ लोगों ने वापस बुआ के पास भेजने की व्यवस्था की दसवीं कक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण प्राप्त युवक ने कोयलांचल जिब्रा पहुंचकर कामकाज प्रारंभ किया। ईमानदारी और कर्तव्य निष्ठा के साथ उसने सेंट्रल वर्कशॉप के कर्मचारियों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया।

लंबे समय के बाद यहां के ही कुछ कर्मचारियों ने युवक के विवाह की योजना बनाई। कुछ जगह संपर्क किया तो बात नहीं बनी। सेंट्रल वर्कशॉप में काम करने वाले रघुवंश सिंह तक यह बात पहुंची तो उन्होंने बिहार में अपने एक परिचित के यहां कामकाजी महिला की बेटी के बारे में जानकारी प्राप्त की। आगे चर्चा की गई। वीडियो कॉल से युवक-युवती की बातचीत कराई गई। युवती के परिजनों ने पूरी जानकारी हासिल करने के साथ प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इसके अनुसार ही विवाह को अंतिम रूप देने का रास्ता साफ हुआ।

वैवाहिक परंपराओं में कन्यादान का अपने आप में बड़ा महत्व है। सामान्य तौर पर वधु के माता-पिता ही इस परंपरा की पूर्ति करते हैं। इस मामले में सोनी कुमारी के पिता चंद्रदेव गिरी कुछ वर्ष पहले दिवंगत हो चुके हैं। ऐसे में उनके नजदीकी रिश्तेदार इस कार्यक्रम में शामिल हुए। स्थानीय निवासी राजेश जायसवाल और उनकी धर्मपत्नी ने सोनी कुमारी का कन्यादान कर पुण्य अर्जित किया। वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न होने के बाद पारिवारिक माहौल में सोनी कुमारी को विदाई दी गई। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में उपस्थित महिलाओं सहित अन्य लोगों की आंखें नम हुई जिन्होंने इस बात को स्पष्ट किया कि अनजाने में बने रिश्ते भी दिलों के अंदर तक उतर जाते हैं।

गेवरा पे-लोडर इंचार्ज कार्यपालन अभियंता नवीन सिंह क्षत्री, बृजेश मिश्रा, शिवचरण राठौर, जहां वर पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे थे वहीं रघुवंश सिंह और सरिता सिंह वधु पक्ष की ओर से अगुवाई की। पूरे मामले में बढ़-चढकर सहयोग किया। कुछ और लोगों से इस अच्छे कार्य को साझा किया गया तो विवाह का पूरा खर्च और संसाधन का प्रबंध आसान तरीके से हो गया। स्नेह मिलन में रंजीत और सोनी को दाम्पत्य सूत्र बंधन में आबद्ध करने की परंपरा पिछली रात पूरी हुई। विवाह के साक्षी सैकड़ों लोग बने, जिनमें एसईसीएल के अधिकारी से लेकर कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और नागरिक शामिल थे। कोयलांचल के इतिहास में अपने तरह का यह अलग विवाह रहा जिसमें लोगों ने सामर्थ्य से कहीं अधिक उपहार के अलावा सहयोग देकर सामाजिक सरोकारों की एक नई परिभाषा दी।

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