जंगल गई वृद्ध महिला को लोनर हाथी ने कुचलकर मार डाला, गांव में मातम

कोरबा 23 जून। वन विभाग द्वारा जंगल न जाने की चेतावनी को अनदेखी करना जिले के पतुरियाडांड में एक वृद्धा को उस समय महंगा पड़ गया जब उसका क्षेत्र में विचरण कर रहे खतरनाक लोनर हाथी से सामना हो गया। लोनर ने वृद्धा को देखते ही हमला बोल दिया और अपने सूंड से उठाकर पटक दिया, जिसे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंच गए हैं।

जानकारी के अनुसार यह घटना कटघोरा वनमंडल अंतर्गत केंदई रेंज के मदनपुर सर्किल के पतुरियाडांड नामक गांव में आज तडके 5.30 बजे के लगभग घटित हुई। यहां की निवासी सुखमत बाई उम्र 70 वर्ष डोरी बीनने जंगल गई थी, तभी उसका सामना क्षेत्र में विचरण कर रहे लोनर हाथी से हो गया। हाथी ने वृद्धा को देख उस पर हमला कर दिया। इतना ही नहीं सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे उसके प्राण पखेरू उड़ गए। घटना को उसके साथ गए अन्य लोगों ने होते देखा और इसकी सूचना सुखमत बाई के परिजनों को दी, जिन्होंने वन विभाग को सूचित किया। लोनर के हमले में वृद्धा की मौत की खबर मिलते ही केंदई रेंजर अभिषेक दुबे, परिक्षेत्र सहायक अधिकारी मंगल सिंह नायक एवं अन्य अधिकारी व कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे। पंचनामा कराकर सभी औपचारिकताओं को पूरी की और पोस्टमार्टम पश्चात् अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप दिया। वहीं डीएफओ कुमार निशांत के निर्देश पर विभाग द्वारा वन्य प्राणियों के हमले में जनहानि पर दिए जाने वाले तत्कालिक सहायता राशि रुपए 25 हजार दे दी गई है। रेंजर दुबे ने बताया कि वन्य प्राणी के हमले में जनहानि पर शासन की ओर से 6 लाख रुपए मुआवजा देने का प्रावधान है। अभी तत्कालिक तौर पर 25 हजार की राशि उपलब्ध कराई गई है। शेष 5 लाख 75 हजार रुपए सभी दस्तावेजी कार्यवाही के बाद मृतका के परिजनों को दिया जाएगा।

याद रहे सरगुजा वनमंडल से यह लोनर हाथी एक दिन पहले केंदई रेंज में प्रवेश किया था तथा यहां के जंगल में विचरण कर रहा था। इसकी जानकारी क्षेत्र के लोगों को मुनादी कराकर वन विभाग द्वारा दी गई थी और उन्हें जंगल तथा लोनर से दूरी बनाए रखने की चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन ग्रामीणों ने नहीं माना। चेतावनी की परवाह किए बगैर डोरी बीनने जंगल चले गए, फलस्वरूप यह घटना घटित हुई जिसमें वृद्धा की जान चली गई। यह वही लोनर हाथी है जो सरगुजा क्षेत्र में एक के बाद एक कई लोगों पर हमला कर उन्हें या तो घायल कर दिया था या मौत के घाट उतार दिया था, जिसकी वजह से आतंक का पर्याय बना हुआ था।

Spread the word