अमरीका ईरान के बीच इन प्रमुख बिंदुओं पर बनी सहमति

जिनेवा, अमरीका-ईरान के बीच स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में दोनों देशों के वार्ताकारों की पहले दौर की बातचीत पूरी हो गई है। इस वावत मध्यस्थ देश कतर और पाकिस्तान ने संयुक्त बयान जारी किया। अमरीकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी पहले दिन की बातचीत को सफल बताया। ईरान के अनुसार तकनीकी स्तर की वार्ता से पहले उसकी प्रमुख शर्तों को स्वीकार कर लिया गया है। अब टेक्निकल मुद्दों पर बात होगी।

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने एक्स पर पोस्ट करके बताया कि मध्यस्थों ने लेबनान युद्ध खत्म करने की दिशा में प्रगति की है। वहां सीजफायर लागू होता दिख रहा है। असली परीक्षा अभी बाकी है। लेबनान से जुड़े सभी पक्षों और मध्यस्थ देशों की मदद से एक डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल बनाया जाएगा। वहीं, वेंस ने कहा कि ईरान आइएइए के निरीक्षकों को आने देने के लिए मान गया है। परमाणु हथियार कार्यक्रम को खत्म करने की दिशा में यह पहला कदम है।

ईरान को फ्रीज फंड मिलेगा, तेल बेचने पर प्रतिबंध हटे

उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा, फ्रीज ईरानी फंड्स को जारी किया जा सकता है। जेरेड कुशनर ने यह प्लान बनाया है। हम यह तय करेंगे कि जो फंड जारी किया जाए वह ईरानी लोगों की मदद के लिए जाए न कि आतंकवाद को फंड करने में। अमरीकी सोया, मक्का, गेंहू इससे से खरीदा जाएगा। वहीं, तेल बेचने पर ईरान पर लगे प्रतिबंध भी 60 दिनों के लिए हटा दिए गए।

इन प्रमुख बिंदुओं पर बनी सहमति

वार्ता प्रक्रिया की निगरानी व एमओयू के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हाईलेवल कमेटी का निर्माण।

होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करने के लिए एक सीधा संचार तंत्र तैयार करना।

लेबनान में संघर्षविराम लागू रखने पर जोर, एक डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल बनेगा।

कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभाते रहेंगे।

इजराइल और हिजबुल्लाह समझौते का हिस्सा नहीं।

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