अमरीका-ईरान के बीच शुरू हुई 14 बिंदुओं पर वार्ता

जिनेवा. अमरीका-ईरान के बीच युद्धविराम समझौता होने के बाद पहली बार दोनों देशों के वार्ताकार और पाकिस्तान व कतर के मध्यस्थों की मौजूदगी में वार्ता रविवार को शुरू हो गई। अमरीका से उपराष्ट्रपति जेडी वैस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर पहुंचे हैं। वहीं ईरान से विदेशमंत्री अब्बास अराघची और स्पीकर बघेर गलिबाफ मुख्य वार्ताकार हैं। पाक पीएम शहबाज शरीफ व सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी बर्गेनस्टॉक में हो रही वार्ता में पहुंचे हैं। बातचीत 14 बिंदुओं के शांति समझौते के आधार पर शुरू हुई है।

वार्ता की शुरुआत में जेडी वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप क्षेत्र में पूरे संघर्षविराम के लिए प्रतिबद्ध हैं। उम्मीद है कि आने वाले घंटों में और भी सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे। उन्होंने आसिम मुनीर की भी तारीफ की। इस बीच लेबनान पर रविवार को भी इजराइल ने हमले किए। इनमें 7. लोगों की मौत हो गई। इसके विरोध में होर्मुज स्ट्रेट को ईरानी सेना ने शनिवार को ही बंद कर दिया था।

यूरेनियम नहीं छोड़ेगा ईरान

बातचीत से पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमरीका से दो टूक कहा है कि हमारा परमाणु बम बनाने का कोई इरादा नहीं है। इसकी गारंटी भी दे सकते हैं। लेकिन, ईरान यूरेनियम संवर्धन का अपना अधिकार किसी कीमत पर नहीं छोड़ेगा।

ट्रंप बोले… तो ईरान पर करेंगे हमलाः राष्ट्रपति ट्रंप ने

कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में कोई टोल नहीं लगाया जाएगा। साथ ही जलमार्ग पर अमरीकी टोल लगाने की धमकी दी। लेबनान में यदि ईरानी प्रॉक्सी नहीं रुके तो ईरान पर बड़े हमले किए जाएंगे।

छह अरब डॉल के बदले परमाणु ठिकानों की जांच…

अमरीका बातचीत शुरू होने के साथ ही ईरान के परमाणु ठिकानों की यूएन के निरीक्षकों से जांच कराना चाहता है। माना जा रहा है कि कतर में मौजूद ईरान के छह अरब डॉलर की फंड वापसी के बदले ईरान इसकी अनुमति दे सकता है। इन परमाणु ठिकानों पर ही अमरीका-इजराइल ने बमबारी की थी।

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