6 दिन बाद कब्र से निकाला शव, करंट से मौत की पुष्टि

कोरबा। कोरबा जिले के पाली विकासखंड के नगोई गांव में एक मजदूर की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। 16 जून को छत ढलाई के दौरान लिफ्ट मशीन के तार की चपेट में आने से 28 वर्षीय नवीन कुमार की मौत हो गई थी। अब पत्नी की मांग पर 6 दिन बाद शव को कब्र से निकालकर जांच की गई है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम पोड़ी मड़वामौहा निवासी नवीन कुमार शिवलाल पोर्ते के घर छत ढलाई का काम कर रहा था। इसी दौरान वह लिफ्ट मशीन के विद्युत तार की चपेट में आ गया और उसे करंट लग गया। नवीन को तत्काल पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

आरोप है कि अस्पताल ने पुलिस को सूचना दिए बिना और पोस्टमार्टम कराए बिना ही शव परिजनों को सौंप दिया था। परिजनों ने 16 जून को सामाजिक रीति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार कर दिया। उन्हें बताया गया था कि पोस्टमार्टम हो चुका है और कोरे कागज पर हस्ताक्षर भी कराए गए थे।

घटना के बाद परिजनों को पता चला कि मौत करंट लगने से हुई है। इसके बाद मृतक की पत्नी ने 19 जून को पाली थाने में लिखित शिकायत दी। उन्होंने शव का दोबारा परीक्षण कराने की मांग की और डॉक्टर पर गुमराह करने और बिना पोस्टमार्टम शव सौंपने का आरोप लगाया।

शिकायत के बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर नायब तहसीलदार सुजीत पाटले, फोरेंसिक विशेषज्ञ सत्यजीत सिंह कोसरिया, पाली थाना पुलिस और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची।

टीम ने ग्राम सरपंच और परिजनों की मौजूदगी में शव को कब्र से निकालकर पंचनामा और जांच की। इसके साथ ही घटना स्थल नगोई का भी निरीक्षण किया गया।

जांच में पाया गया कि जिस घर में छत की ढलाई का काम चल रहा था, वहां बिजली कनेक्शन सीधे बॉक्स से न लेकर लूपिंग के जरिए किया गया था और कई जगह केबल खुले हुए थे।

फोरेंसिक एक्सपर्ट सत्यजीत सिंह कोसरिया ने बताया कि शव पर करंट के प्रवेश और निकास के प्राथमिक साक्ष्य मिले हैं। मृतक के हाथ में काले और पैर के पास नीले निशान देखे गए हैं।

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